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CII हेल्थ समिट में यूपी की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने पर मंथन

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) उत्तर प्रदेश द्वारा 8वें सीआईआई उत्तर प्रदेश हेल्थ समिट 2026 का आयोजन किया गया। समिट में नीति-निर्माताओं, स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रमुख विशेषज्ञों, उद्योग जगत, चिकित्सा पेशेवरों, तकनीकी विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों ने उत्तर प्रदेश एवं देश में स्वास्थ्य सेवाओं के भविष्य पर विचार-विमर्श किया।

समिट में बतौर मुख्य अतिथि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, विशिष्ठ अतिथि अमित कुमार घोष, (अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग) और डॉ. जी.एन. सिंह (मुख्यमंत्री के सलाहकार एवं पूर्व ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया) उपस्थित रहे।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा को केवल एक बढ़ते हुए क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि मानव सेवा से जुड़ी सार्वजनिक जिम्मेदारी के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य अवसंरचना और संस्थानों को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रगति का वास्तविक मूल्यांकन इस बात से होना चाहिए कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रत्येक व्यक्ति तक, उसके स्थान और आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना, पहुंच रही हैं या नहीं। 

उन्होंने उत्तर प्रदेश में एक मॉडल अस्पताल विकसित करने का भी आह्वान किया। जो गुणवत्ता, किफायती उपचार, आधुनिक तकनीक और मरीज-केंद्रित सेवाओं के क्षेत्र में मानक स्थापित कर सके तथा प्रदेश के अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के लिए उदाहरण बने। उन्होंने बच्चों और युवाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर भी बल दिया। साथ ही बदलती जीवनशैली, असंतुलित खान-पान, देर रात तक जागने, शारीरिक निष्क्रियता और बढ़ते शैक्षणिक एवं सामाजिक दबावों से उत्पन्न दीर्घकालिक स्वास्थ्य चुनौतियों पर चिंता व्यक्त की।

अमित कुमार घोष ने राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य अवसंरचना के विस्तार, उसे मजबूत करने तथा प्रदेशभर में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच का आकलन केवल अस्पतालों या बेड की संख्या से नहीं किया जा सकता, बल्कि यह देखना आवश्यक है कि विशेषकर ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को समय पर जांच, उचित उपचार और प्रभावी रेफरल सुविधा उपलब्ध हो रही है या नहीं। उन्होंने प्राथमिक एवं निवारक स्वास्थ्य सेवाओं, डायग्नोस्टिक्स, रेफरल सिस्टम और डिजिटल हेल्थ को मजबूत करने तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और विशेषज्ञ संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।

डॉ. जी.एन. सिंह ने उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल टेक्नोलॉजी और बायोटेक्नोलॉजी के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरने की क्षमता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इसके लिए केवल बुनियादी ढांचे का विस्तार पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि अनुसंधान, क्लिनिकल क्षमताओं, विनिर्माण, नियमन और प्रौद्योगिकी के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता को बेहतर बनाने में एआई, डिजिटल हेल्थ और उन्नत डायग्नोस्टिक्स की भूमिका को रेखांकित करते हुए नवाचार, निवेश, रोजगार और बड़े स्तर पर स्वास्थ्य समाधान विकसित करने के लिए सरकार, उद्योग और अकादमिक जगत के बीच सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।

सौरभ गर्ग (संयोजक, CII पैनल ऑन हेल्थकेयर एवं चेयरमैन, POCT ग्रुप, मैनेजिंग डायरेक्टर, Q Line Biotech Limited) ने उत्तर प्रदेश की बदलती स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सरकार, स्वास्थ्य पेशेवरों, अस्पतालों, डायग्नोस्टिक्स, तकनीकी संस्थानों और उद्योग को एक मंच पर लाने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में पहुंच, किफायती उपचार, तकनीक और गुणवत्ता से जुड़ी चुनौतियों को दूर करने के लिए व्यावहारिक सहयोग और निरंतर उद्योग-सरकार संवाद की आवश्यकता पर बल दिया।

डॉ. उपासना अरोड़ा (पूर्व अध्यक्ष, CII उत्तर प्रदेश एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, यशोदा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल्स) ने उत्तर प्रदेश में तेजी से बदलते स्वास्थ्य सेवा परिदृश्य और यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला कि चिकित्सा प्रौद्योगिकी एवं विशेषज्ञ सेवाओं में हो रही प्रगति से मरीजों को समय पर, सुरक्षित और बेहतर उपचार परिणाम प्राप्त हों। उन्होंने उद्योग और सरकार को साथ लाने, ज्ञान के आदान-प्रदान और स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने में CII की भूमिका को रेखांकित किया तथा आपातकालीन एवं क्रिटिकल केयर, डायग्नोस्टिक्स और क्लिनिकल क्षमताओं को मजबूत करने पर बल दिया।

अभिषेक सराफ (चेयरमैन, CII उत्तर प्रदेश एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, अवध रेल इन्फ्रा लिमिटेड) ने उद्योग-सरकार संवाद, नीति वकालत और ज्ञान के आदान-प्रदान के माध्यम से राज्य के स्वास्थ्य सेवा इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए CII की निरंतर पहलों को रेखांकित किया। उन्होंने CII उत्तर प्रदेश हेल्थ केयर पैनल की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पैनल उद्योग हितधारकों को एक मंच पर लाकर चुनौतियों की पहचान, श्रेष्ठ प्रक्रियाओं के आदान-प्रदान और सहयोग के नए अवसरों पर कार्य करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

मुकेश कुमार शर्मा (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, PSI India) ने स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने तथा निवेश और नवाचार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने में उत्तर प्रदेश सरकार के मजबूत नीतिगत फोकस को रेखांकित किया। उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य सेवा संबंधी प्राथमिकताओं को बेहतर सेवाओं और नागरिकों के लिए बेहतर स्वास्थ्य परिणामों में बदलने के लिए सरकार-उद्योग सहयोग, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) और निरंतर नीतिगत समर्थन के महत्व पर बल दिया।