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AKTU में नशा मुक्ति का संदेश : ‘नो मीन्स नो’, पहली बार ही नशे को कहें ना

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। डाॅ0 एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय में नशा मुक्ति अभियान पखवाड़ा के तहत कुलपति प्रो0 जेपी पाण्डेय के निर्देशन में शुक्रवार को नशे की लत से दूरी पर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। बतौर मुख्य अतिथि एंटी नाॅरकोटिक्स टास्क फोर्स के एसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव ने नशे की लत से होने वाले दुष्परिणामों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हमारा शरीर जटिल मशीन की तरह है। नशे की लत हमारी मशीन को गंभीर खतरे में पहुंचा देता है। न केवल महत्वपूर्ण अंग खराब होने लगते हैं बल्कि कई मामलों में तो नशे के अधिक सेवन से मौत भी हो जाती है। 

उन्होंने हेरोइन, मारफिन, चरस गांजा शराब सिगरेट तंबाकू जैसे नशीले पदार्थ के सेवन से शरीर पर होने वाले दुष्परिणामों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि नशे का सेवन पहली बार करने के बाद वह अपनी गिरफ्त में ले लेता है। इसलिए नशे को पहली बार ही ना कहिए। यानी नो मिंस नो।

वित्त अधिकारी केशव सिंह ने कहाकि एक आदर्श समाज में नशे का कोई स्थान नहीं है। यह पूरे समाज की जिम्मेदारी है कि वह लोगों को खासकर युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रोत्साहित करे। इन विकृतियों से हमें दूर रहना चाहिए। कार्यक्रम का समन्वय सहायक कुलसचिव डॉ. शिवम गुप्ता ने किया। इस मौके पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. ओपी सिंह, एसो डीन डॉ. अनुज कुमार शर्मा, डॉ. विनय चतुर्वेदी, डॉ. वर्षा शुक्ला सहित शिक्षक छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।