मुंबई (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। भारतीय ऑटोमोटिव उद्योग जैसे-जैसे अधिक स्वदेशीकरण (लोकलैजेशन), अगली पीढ़ी के मोबिलिटी प्लेटफॉर्म और उन्नत निर्माण प्रक्रियाओं की ओर बढ़ रहा है। गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप का टूलिंग बिजनेस ओईएम (OEMs) और टियर-1 आपूर्तिकर्ताओं की बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी एडवांस्ड इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को मजबूत कर रहा है। अपने व्यवसाय के 85% से अधिक हिस्से के साथ ऑटोमोटिव क्षेत्र से जुड़े होने के कारण, यह कंपनी हाई-प्रिसिजन (अत्यधिक सटीक) टूलिंग समाधानों के माध्यम से पैसेंजर व्हीकल, टू-व्हीलर, कमर्शियल व्हीकल और इलेक्ट्रिक व्हीकल प्लेटफॉर्म से जुड़े ग्राहकों के साथ साझेदारी कर रही है। आज ऑटोमोटिव ग्राहकों को सप्लाई की जाने वाली 95% टूलिंग का निर्माण स्थानीय स्तर पर ही किया जाता है, जो भारत के घरेलू टूलिंग इकोसिस्टम की बढ़ती क्षमताओं को दर्शाता है।
‘मेक इन इंडिया’ और प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) जैसी सरकारी पहलों के साथ-साथ सप्लाई चेन को मजबूत बनाने पर बढ़ते जोर से मैन्युफैक्चरर्स को स्थानीय स्तर पर अधिक खरीद करने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है। गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप का टूलिंग व्यवसाय प्रेस टूल्स, डाई-कास्टिंग डाइज और प्रिसिजन टूलिंग सिस्टम सहित कई तरह के समाधान उपलब्ध कराता है। ये समाधान मैन्युफैक्चरर्स को उत्पादकता, गुणवत्ता और परिचालन दक्षता के उच्च स्तर हासिल करने में मदद करते हैं। ऑटोमोटिव क्षेत्र के अलावा, यह व्यवसाय इंडस्ट्रियल मशीनरी, रेलवे, मेट्रो रेल और रक्षा निर्माण जैसे क्षेत्रों को भी सेवाएं देता है और इस तरह भारत के व्यापक मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम में योगदान कर रहा है।
गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के टूलिंग व्यवसाय के बिजनेस हेड पंकज अभ्यंकर ने कहा, “भारत का ऑटोमोटिव उद्योग स्थानीयकरण, बदलती मोबिलिटी तकनीकों और अधिक तेजी से उत्पादन करने की जरूरत के कारण तेजी से विकसित हो रहा है। जैसे-जैसे वाहनों के डिजाइन और तकनीक अधिक उन्नत हो रहे हैं, वैसे-वैसे सटीकता, उत्पादकता, गुणवत्ता और उत्पाद विकास चक्र को तेज करने में टूलिंग की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती जा रही है। हमारा ध्यान उन्नत इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को विकसित करने पर है, जो ग्राहकों की बदलती जरूरतों को पूरा करने में मदद करें और साथ ही भारत की मैन्युफैक्चरिंग संबंधी महत्वाकांक्षाओं को भी समर्थन दें।”
उद्योग की उभरती जरूरतों को पूरा करने के लिए, यह बिजनेस डिजिटल सिमुलेशन, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, IoT-सक्षम मॉनिटरिंग सिस्टम और बड़े टन भार वाली डाई क्षमताओं जैसी उन्नत तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ा रहा है। कंपनी प्रदर्शन, उत्पादकता और गुणवत्ता की बदलती आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए वैक्यूम-असिस्टेड सिस्टम, थर्मो-रेगुलेशन टेक्नोलॉजी, स्क्विज कास्टिंग और कंफॉर्मल कूलिंग सॉल्यूशंस जैसी विशेष विनिर्माण तकनीकों का भी लाभ उठा रही है।
ऑटोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास और रक्षा उत्पादन में निवेश के चलते आने वाले वर्षों में भारतीय टूलिंग उद्योग में निरंतर वृद्धि की उम्मीद है। चूंकि निर्माता सप्लाई चेन का स्वदेशीकरण कर रहे हैं और अगली पीढ़ी के उत्पादों को पेश कर रहे हैं, इसलिए विभिन्न क्षेत्रों में प्रिसिजन-इंजीनियर्ड टूलिंग समाधानों की मांग बढ़ने की संभावना है।
ऑटोमोटिव, रेलवे, मेट्रो इंफ्रास्ट्रक्चर, रक्षा निर्माण और औद्योगिक इंजीनियरिंग में बढ़ते निवेश के साथ, गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप स्वदेशी टूलिंग क्षमताओं को मजबूत करने, विनिर्माण उत्कृष्टता को आगे बढ़ाने और भारत को वैश्विक स्तर पर एक प्रतिस्पर्धी मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभारने के लिए प्रतिबद्ध है।
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