लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। लव जिहाद और लैंड जिहाद के आरोपों से जुड़े एक मामले को लेकर मंगलवार को दो पीड़ित विधवा महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाए। प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने दावा किया कि प्रेम संबंध, कथित धर्मांतरण और संपत्ति हड़पने की सुनियोजित साजिश के चलते उनका परिवार बर्बादी के कगार पर पहुंच गया। पीड़िताओं का आरोप है कि परिवार के पुरुष सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद धमकी और दबाव बनाकर संपत्ति की गिफ्ट डीड कराई गई तथा धर्म परिवर्तन के लिए भी मजबूर किया गया। इस मामले में उन्होंने बीते 6 जुलाई को पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी) को प्रार्थनापत्र देकर मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा की मांग की है।

अखण्ड आर्यावर्त आर्या त्रिदंडी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषि त्रिवेदी और जी.के. दीक्षित अधिवक्ता के साथ पीड़िताओं ने पत्रकार वार्ता में अपना दर्द बयां किया। पीड़ित विधवा महिलाओं ने बताया कि मोनिश हसन नामक युवक ने उसकी ननद शिल्पी त्रिपाठी को शातिराना तरीके फंसाकर धर्मपरिवर्तन कर न सिर्फ निकाह किया बल्कि उसके एक साल बाद परिवार में आना-जाना शुरू कर दिया। जिसके बाद एक-एक कर पिता और दोनों भाईयों अर्थात पीड़िताओं के ससुर और पतियों की मौत हो गयी। इसके उपरान्त मोनिश ने ननद शिल्पी की मां को साथ लेकर अपने पास रख लिया और इस्लाम मजहब में धर्म परिवर्तन करवा दिया। इसके बाद पति की मौत के 19 दिन बाद ही पीड़िता की बेटी को बंधक बनाकर और पीड़िता के मोबाइल लेकर उसके निजी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर समस्त प्रापर्टी शिल्पी के नाम गिफ्ट डीड करवा ली। जिससे पूरा परिवार बरबादी की कगार पर पहुंच गया है।
पत्रकार वार्ता में पीड़िता ने बताया कि मोनिश हसन उस पर इस्लाम धर्म स्वीकार करने के लिये दबाव बनाता है। प्रार्थिनी को हर तरीके से प्रताड़ित करता है। मोनिश हसन एक एक करके समस्त संपत्तियों पर अपना कब्जा जमा चुका है। अब समस्त परिवार में मात्र दो अनाथ विधवा बहुएँ व उनके नाबालिक चार बच्चे (तीन नाबालिक छोटी बच्चियाँ व एक छोटा बेटा) बचे हुए हैं। इन सभी लोगों को मोनिश हसन व उनके गुर्गों से जान माल का खतरा बना हुआ है बराबर धममियां दी जा रही है कि वह पीड़िता और उसकी बेटी को मरवा देगा। इस बात की पीड़िता को मोनिश कई बार धमकी कई दे चुका है।
पीड़िता ने आरोप लगाते हुये बताया कि गोमती नगर थाने के उप निरीक्षक राजन केशरी लगातार मोनिश हसन का खुलकर साथ दे रहे हैं और पीड़िता को मोनिश हसन की बात मानकर इस्लाम धर्म स्वीकार कर लेने के लिये भी कई बार दबाब बना चुके है। दो विधवा औरते और उनके चार नाबालिग बच्चों का भविष्य खतरे में बना हुआ है।

पीड़िताओं के मुताबिक उनके परिवार की बरबादी की कहानी उस समय शुरू हुयी जब उनकी ननद शिल्पी त्रिपाठी, इरफाना नाम की मुस्लिम लड़की के साथ पढ़ती थी। इरफाना ने शिल्पी त्रिपाठी को अपने भाई मोनिश हसन से मिलवाया। मोनिश हसन शिल्पी त्रिपाठी को अपने प्रेम जाल में शातिराना तरीके से फँसाता है और उसका धर्म परिवर्तन कराकर उसे अर्सी हसन बनाता है और फिर उससे शादी कर लेता है। वर्ष 2017 में एक दिन शिल्पी त्रिपाठी अपने घर से अचानक भाग जाती है और पता चलता है कि वह मोनिश हसन से निकाह कर लिया है।
उनके मुताबिक लगभग एक साल बाद मोनिश हसन शिल्पी के घर अर्थात मायके आना जाना शुरू करता है और अपने अगले टारगेट अर्थात प्रॉपर्टी पर नजर गड़ाना शुरू करता है। धीर-धीरे वह शिल्पी के परिवार वालों पर अपना विस्वास जमाता है और शिल्पी के पिता और भाइयों को अपने विस्वास में लेना शुरू करता है। मोनिश अचानक एक दिन शिल्पी के पिता को बाहर ले जाता है और वहाँ पर उन्हें कुछ खिलाता है। घर आने पर अचानक उनकी तबियत बिगड़ती है, फिर मोनिश उन्हें अस्पताल ले जाता है और अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाती है।
इसके बाद इसी तरीके से शिल्पी के बड़े भाई की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होती है और कुछ इसी अंदाज में शिल्पी के छोटे भाई मनीष त्रिपाठी की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाती हैं। अब त्रिपाठी परिवार में कोई मर्द नहीं बचता है। वहीं मोनिश ने पूरे घर पर अपना दबदबा बनाना शुरू करता है और शिल्पी की माँ को गुमराह करके लेकर अपने साथ चला जाता है और दबाव बनाकर और प्रार्थिनी की बेटी को बंधक बनाकर, प्रार्धिनी के नाम की सब सम्पत्तियां गिफ्ट डीड करा लेता है।
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