नई दिल्ली (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। एनआईआईटी फाउंडेशन ने साल 2026-27 के लिए अपनी नई स्किलिंग रणनीति पेश की है। इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को ऐसा हुनर सिखाना है, जिससे उन्हें सीधे रोज़गार मिल सके। साल 2025-26 के दौरान एनआईआईटी फाउंडेशन ने भारत के 84% जिलों तक विस्तार किया और 32 लाख से अधिक छात्रों को स्किल सर्टिफिकेट प्रदान किए।
फाउंडेशन का कहना है कि अब उनका मुख्य लक्ष्य इस विस्तार को रोज़गार, बेहतर आय और स्वरोज़गार के अवसरों में बदलना है। इसके साथ ही, भविष्य की ज़रूरतों को देखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), साइबर सुरक्षा और डिजिटल साक्षरता जैसे आधुनिक विषयों में ट्रेनिंग को और भी एडवांस बनाया जाएगा।
देश के 28 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में अपनी सक्रिय मौजूदगी दर्ज कराते हुए, एनआईआईटी फाउंडेशन अब तक 1.33 करोड़ से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। इस संस्था ने अपने देशव्यापी नेटवर्क के जरिए बड़े स्तर पर युवाओं को कुशल और आत्मनिर्भर बनाने का काम किया है। जिसमें 45 करियर डेवलपमेंट सेंटर, 45 स्किल डेवलपमेंट सेंटर, 19 डिजिटल बसें और 56 ‘हाईडब्ल्यूईएल’ लर्निंग स्टेशन शामिल हैं।
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान, फाउंडेशन ने देश के 84 प्रतिशत जिलों तक विस्तार किया, जिनमें 90 से अधिक प्रगतिशील जिले भी शामिल हैं। इसके साथ ही, एनआईआईटी ने 292 कॉलेजों और 13 सरकारी विभागों के साथ साझेदारी करके अपने नेटवर्क का विस्तार किया है।
एनआईआईटी फाउंडेशन ने जानकारी दी कि उनके द्वारा इस साल लगभग 1 लाख छात्रों को नौकरियां दिलाने में मदद की गई। साथ ही, 1 लाख लोगों को वित्तीय रूप से जागरूक बनाने के लिए उन्हें ‘फाइनेंशियल लिटरेसी’ की ट्रेनिंग दी गई। इसके अलावा, 60,000 से ज्यादा बच्चों को उनके ‘हाईडब्ल्यूईएल’ लर्निंग स्टेशनों के जरिए सहायता मिली, जो डिजिटल टूल्स की मदद से खुद सीखने (सेल्फ-लर्निंग) के अवसर देते हैं।
एनआईआईटी फाउंडेशन की इस उपलब्धि में नीति आयोग के साथ उनकी साझेदारी महत्वपूर्ण रही। इसका लक्ष्य जमीनी स्तर पर डिजिटल साक्षरता बढ़ाना और प्रगतिशील जिलों में लोगों को बैंकिंग व वित्तीय सेवाओं से जोड़ना था।
भविष्य की योजनाओं को लेकर फाउंडेशन ने कहा कि वे अब ट्रेनिंग को सीधे रोजगार, बेहतर कमाई और उद्यमिता से जोड़ने पर ज्यादा ध्यान देगा, खासकर उन समुदायों में जहां सुविधाओं की कमी है।
फाउंडेशन की कंट्री डायरेक्टर, चारु कपूर ने कहा, “वित्त वर्ष 2025-26 के नतीजों ने हमारे इस भरोसे को और मजबूत किया है कि बड़े स्तर पर काम करने का असली फायदा तभी है, जब उससे लोगों के जीवन में कोई बड़ा और सकारात्मक बदलाव आए।”
उन्होंने कहा, “जैसे-जैसे हम आगे बढ़ रहे हैं, हमारा पूरा ध्यान ऐसे रास्ते बनाने पर है जो युवाओं को नौकरी, आर्थिक मजबूती और भविष्य के लिए काबिल बनाए।”
एनआईआईटी फाउंडेशन ने कहा कि वे आने वाले समय की जरूरतों को देखते हुए फ्यूचर स्किल्स और डिजिटल लर्निंग पर अपना निवेश जारी रखेंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि युवा उद्योग जगत की बदलती जरूरतों के लिए पूरी तरह तैयार रहें।”
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