Tuesday , April 14 2026

Delhi : तंग गलियों में मौत का जाल, बिना फायर सेफ्टी चल रहे कोचिंग सेंटर में ब्लास्ट; बाल-बाल बचे छात्र

नई दिल्ली। दिल्ली के वेलकम इलाके में स्थित जनता मजदूर कॉलोनी में महज 20-25 गज के छोटे से मकान की ग्राउंड फ्लोर पर एक कोचिंग सेंटर में अचानक को भीषण आग लगने से अफरा तफरी मच गई, बता दें कि प्राथमिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है।इस दौरान प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना के समय कोचिंग सेंटर में अनेकों बच्चे मौजूद थे। साथ ही कुछ बच्चे कंप्यूटर पर काम कर रहे थे, जबकि अन्य पढ़ाई करने में व्यस्त थे, लेकिन अचानक आग लगने से कमरे में धुआं फैल गया था, जिसके बाद कोचिंग सेंटर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था, लेकिन संकरी जगह और सीमित निकास के कारण बच्चों के फंसने का खतरा पैदा हो गया था, स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया था। क्षत्रीय लोगों ने हिम्मत जुटाकर कोचिंग सेंटर के अंदर जाकर बच्चों को बाहर निकाल लिया था। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की 2 गाड़ियां मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन तंग गली के कारण उन्हें अंदर पहुंचने में भी विभाग की गाड़ियो को दिक्कतों का सामना करना पड़ गया था। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया था, स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोचिंग सेंटर बिना किसी फायर सेफ्टी इंतजाम के चलाया जा रहा था। इस कोचिंग सेंटर में आग बुझाने वाले उपकरण की कोई व्यवस्था नहीं है। साथ ही आपात स्थिति में बाहर निकलने का कोई वैकल्पिक रास्ता भी उपलब्ध नहीं है। रिहायशी इलाके में इस तरह से बच्चों की जान जोखिम में डालकर कोचिंग चलाना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। थाना पुलिस और दमकल विभाग की टीम मामले की जांच कर रहे हैं। साथ ही मामले की जांच कर रही है कि कोचिंग सेंटर वैध था, या अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था।दिल्ली में कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी के चलते पहले भी कई जिंदगियां ले चुकी है। बता दें कि वर्ष 2024 में राजेंद्र नगर के एक कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से 3 छात्रों की मौत हो गई थी, जबकि 2025 में ओल्ड राजेंद्र नगर इलाके में एक कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना सामने आई थी, जिसमें समय रहते छात्रों को बाहर निकाल लिया गया था, इसके बावजूद भी रिहायशी इलाकों में बिना अनुमति और बिना सुरक्षा मानकों के कोचिंग सेंटर धड़ल्ले से चल रहे हैं।