उज्जैन : मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर से निकलने वाली पारंपरिक रंग पंचमी की गेर में भाग लेकर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत किया। उन्होंने ध्वजा पूजन के साथ अखाड़ों के शस्त्रों का विधि-विधान से पूजन किया। इस अवसर पर शस्त्र संचालन का प्रदर्शन भी किया।रविवार को रंग पंचमी के इस पारंपरिक आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए औरबाबा महाकाल के दर्शन-पूजन कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। उन्होंने जनता के बीच पहुंचकर रंगों के इस पर्व का आनंद लिया। इस दौरान लोगों ने मुख्यमंत्री को गुलाल लगाकर उनका स्वागत किया, वहीं मुख्यमंत्री ने भी लोगों के साथ रंग खेलते हुए उन्हें पर्व की शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि रंगों का यह पावन पर्व सभी के जीवन में खुशियां, उत्साह और उल्लास लेकर आए। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की कि प्रदेश के सभी नागरिकों के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर भी इस आयोजन की जानकारी साझा करते हुए लिखा, “ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्।आज रंग पंचमी के पावन अवसर पर उन्हाेंने श्री महाकालेश्वर मंदिर से निकलने वाली परंपरागत गेर में ध्वजा एवं अखाड़ों के शस्त्रों का विधि-विधान से पूजन किया। इससे पूर्व बाबा महाकाल के दर्शन-पूजन कर समस्त प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की।”उल्लेखनीय है कि उज्जैन की रंग पंचमी गेर मध्यप्रदेश की प्रमुख सांस्कृतिक परंपराओं में से एक मानी जाती है। इस आयोजन में बड़ी संख्या में साधु-संत, अखाड़ों के सदस्य और आम नागरिक शामिल होते हैं। ढोल-नगाड़ों, गुलाल और उत्साह के बीच निकलने वाली यह गेर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक मानी जाती है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पद संभालने के बाद से प्रदेश की सांस्कृतिक परंपराओं और लोक उत्सवों को विशेष महत्व दिया है। उन्होंने कई पारंपरिक त्योहारों को राज्य उत्सव के रूप में मनाने की पहल की है। उनका मानना है कि त्योहार केवल उत्सव नहीं बल्कि समाज को जोड़ने का माध्यम भी हैं। ऐसे पर्व आपसी दूरियों को कम करते हैं और समाज में भाईचारे तथा समरसता को मजबूत करते हैं।इससे पहले 5 मार्च को मुख्यमंत्री ने भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास में भी बड़े उत्साह के साथ होली उत्सव मनाया था। इस अवसर पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आम लोग, संत-महात्मा और विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे। कार्यक्रम में फाग गीतों और पारंपरिक भजनों की प्रस्तुति दी गई थी। मुख्यमंत्री निवास को ब्रज थीम पर सजाया गया था, जिससे वहां बरसाने की होली जैसा माहौल देखने को मिला था। प्रदेश में लगातार पारंपरिक त्योहारों के आयोजन में सक्रिय भागीदारी के जरिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने और समाज में एकता व उत्साह का संदेश देने का प्रयास कर रहे हैं।
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