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व्यापारिक संगठनों में बढ़ती गुटबाजी, इस संगठन के प्रदेश संरक्षक ने बनाई दूरी


लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। कर्मचारी संगठनों, स्थानीय सोसायटियों और व्यापारिक और अन्य संगठनों की पहचान कभी राजनीति से दूर रहकर अपने उद्देश्यों और सामाजिक हितों के लिए संघर्ष करने वाले मंचों के रूप में होती थी। उस दौर में चुनिंदा संगठन ही सक्रिय रहते थे और सभी सदस्य एक मंच पर खड़े होकर अपनी समस्याओं और अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करते थे। लेकिन समय के साथ परिस्थितियां बदलीं और अधिकांश संगठन धीरे-धीरे राजनीतिक प्रभाव में आते चले गए। इसके चलते संगठनों के भीतर गुटबाजी और बिखराव की स्थिति सामान्य होती जा रही है।

कुछ ऐसा ही हाल प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सक्रिय व्यापारिक संगठनों में देखने को मिल रहा है। बीते एक दशक में व्यापारिक संगठनों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। वर्चस्व की होड़ में एक संगठन से जुड़े पदाधिकारी दूसरे संगठन का गठन करने लगे हैं। करीब एक दशक पूर्व एक प्रमुख व्यापारिक संगठन से अलग होकर कुछ व्यापारियों ने भारतीय जन उद्योग व्यापार मंडल का गठन किया था। गठन के बाद संगठन ने व्यापारी हितों को लेकर कई मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई और विस्तार के साथ प्रदेश व जनपद स्तर पर इकाइयों का गठन किया गया।

हालांकि, समय के साथ संगठन में भी अंदरूनी मतभेद उभरने लगे। संगठन की नींव रखने में अहम भूमिका निभाने वाले प्रदेश संरक्षक एसडी सिंह वैश्वारा ने उपेक्षा और गुटबाजी का आरोप लगाते हुए 16 फरवरी को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सोशल मीडिया पर साझा संदेश में उन्होंने संगठन की प्राथमिक सदस्यता से भी त्यागपत्र देने की घोषणा की। सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में उन्होंने लिखा कि वह संगठन की प्राथमिक सदस्यता और अपने पद से त्यागपत्र दे रहे हैं तथा अब उनका संगठन से कोई संबंध नहीं रहेगा।

टेलीस्कोप टुडे संवाददाता से बातचीत में उन्होंने कहा कि संगठन का गठन व्यापारी हितों के लिए किया गया था, लेकिन अब इसमें गुटबाजी बढ़ गई है और यह राजनीतिक रूप लेता जा रहा है। उनका आरोप है कि संगठन में कार्य से अधिक व्यक्ति विशेष और पद को महत्व दिया जा रहा है। करीब तीन दशक से व्यापारी हितों के लिए संघर्ष कर रहे एसडी सिंह वैश्वारा ने स्पष्ट किया कि वह किसी राजनीतिक दल से जुड़े नहीं हैं और आगे भी स्वतंत्र रूप से व्यापारियों की आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि कई प्रमुख व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी उन्हें अपने संगठन से जुड़ने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं।

वहीं दूसरी ओर, भारतीय जन उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारी एसडी सिंह वैश्वारा को मनाने का प्रयास कर रहे हैं। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि एसडी सिंह वैश्वारा संगठन के अभिभावक हैं और किसी बात को लेकर नाराज हैं। संगठन स्तर पर उनकी नाराजगी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है और जल्द ही आपसी बातचीत से समाधान निकाले जाने की उम्मीद है।

व्यापारिक संगठनों में बढ़ती गुटबाजी को लेकर व्यापारी वर्ग में चिंता बढ़ रही है। व्यापारियों का मानना है कि आपसी टकराव और नेतृत्व की होड़ के चलते उनकी मूल समस्याएं पीछे छूट रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि संगठन अपने मूल उद्देश्य से भटकते रहे, तो व्यापारी हितों की सामूहिक आवाज कमजोर होती जाएगी और इसका सीधा नुकसान छोटे व मध्यम व्यापारियों को उठाना पड़ेगा।