Saturday , January 10 2026

CRIH : वैज्ञानिक संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने साझा किए शोध निष्कर्ष

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। केन्द्रीय होम्योपैथी अनुसंधान संस्थान, लखनऊ के द्वितीय स्थापना दिवस के अवसर पर शुक्रवार को “Evidence Based Research in Homoeopathy” विषय पर एक दिवसीय वैज्ञानिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत होम्योपैथी के जनक डॉ. सैमुअल हैनीमैन को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई।

संगोष्ठी का शुभारंभ प्रभारी अधिकारी डॉ. लिपिपुष्पा देबता ने अपने स्वागत भाषण से किया। उन्होंने कहा कि संगोष्ठी का उद्देश्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे नवीन शोध, नवाचारों तथा सामाजिक चुनौतियों पर सार्थक विचार-विमर्श करना है, जिससे होम्योपैथी पद्धति को और अधिक साक्ष्य-आधारित बनाया जा सके।

संगोष्ठी में देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से आए विशेषज्ञ वक्ताओं ने अपने शोध पत्र एवं व्याख्यान प्रस्तुत किए। मुख्य वक्ता डॉ. गिरिश गुप्ता (वरिष्ठ होम्योपैथिक सलाहकार) ने “गर्भाशय फाइब्रॉइड पर साक्ष्य आधारित अध्ययन” विषय पर अपने अनुभव और शोध निष्कर्ष साझा किए। वहीं डॉ. शैलेन्द्र कुमार सक्सेना (प्रोफेसर एवं हेड, सेंटर ऑफ एडवांस रिसर्च, फैकल्टी ऑफ मेडिसिन, केजीएमयू, लखनऊ) ने “महामारी इन्फ्लूएंजा ए (H1N1): उभरते रुझान और होम्योपैथिक चिकित्सा पेशेवरों के लिए प्रासंगिकता” पर विस्तृत चर्चा की।

कार्यक्रम में बतौर अतिथि प्रो. डॉ. एजाज अजीज सुलेमान (प्राचार्य, जी.सी. होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, लखनऊ) तथा डॉ. एस.के. शर्मा (सेवानिवृत्त अनुसंधान अधिकारी, वैज्ञानिक-4, सी.आर.आई.(एच), लखनऊ) की उपस्थित रहे। संगोष्ठी में जी.सी. होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, लखनऊ एवं राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, लखनऊ के व्याख्याताओं के साथ-साथ एम.डी. कर रहे छात्रों ने भी सक्रिय सहभागिता की।

केन्द्रीय होम्योपैथी अनुसंधान संस्थान, लखनऊ की अनुसंधान अधिकारी डॉ. रेनू बाला, डॉ. अमित श्रीवास्तव और डॉ. प्रतिभा शिवहरे ने सीनियर एवं जूनियर रिसर्च फेलो के साथ कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के समापन पर डॉ. दिव्या वर्मा (अनुसंधान अधिकारी) ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति का आभार व्यक्त करते हुए संगोष्ठी को सफल बताया।