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लोकसंस्कृति और परंपराओं का संगम बनेगा उत्तराखंड महोत्सव, योगी-धामी को न्योता

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। उत्तराखंड महापरिषद, लखनऊ द्वारा चौदह दिवसीय उत्तराखंड महोत्सव 2026 का आयोजन 9 से 22 नवंबर 2026 तक भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन में किया जाएगा। महोत्सव का उद्घाटन 11 नवंबर को सायं 7 बजे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करकमलों द्वारा प्रस्तावित है। इसी क्रम में उत्तराखंड महापरिषद के शीर्ष पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से शिष्टाचार भेंट कर उन्हें महोत्सव के उद्घाटन समारोह हेतु आमंत्रित किया।

वहीं उत्तराखंड महापरिषद के एक शिष्टमंडल ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी 22 नवंबर को आयोजित होने वाले महोत्सव के समापन समारोह हेतु आमंत्रित किया। शिष्टमंडल में हरीश चंद्र पंत (अध्यक्ष), भरत सिंह बिष्ट (महासचिव), दीवान सिंह अधिकारी, मंगल सिंह रावत, राजेश बिष्ट, आरपी तिवारी, गोपाल सिंह भंडारी मौजूद रहे।

महोत्सव के अंतर्गत 9 नवंबर को उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। 10 नवंबर को प्रवासी उत्तराखंडी मातृशक्ति के संयोजन में पारंपरिक उत्तराखंडी खानपान प्रतियोगिता आयोजित होगी। 11 नवंबर को महोत्सव का भव्य शुभारंभ, उत्तराखंड गौरव सम्मान 2026 तथा ‘विकसित भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को समर्पित ‘उत्तराखंड दर्पण स्मारिका 2026’ का विमोचन प्रस्तावित है।

महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति, लोकनृत्य एवं लोकगीतों के साथ-साथ स्वदेशी उत्पादों की आकर्षक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसका उद्देश्य भारतीय संस्कृति, परंपराओं और स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करते हुए ‘हमारी संस्कृति, हमारी विरासत, हमारा स्वदेशी’ के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना है।

उत्तराखंड महापरिषद के महासचिव भरत सिंह बिष्ट ने कहाकि उत्तराखंड महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि देवभूमि उत्तराखंड की लोकपरंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय एकता का उत्सव है। महापरिषद का प्रयास है कि इस आयोजन के माध्यम से ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार करने के साथ ही स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक गौरव की भावना को और अधिक सशक्त बनाना है।