नई दिल्ली (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। केन्या के चार्ल्स मटाटा ने वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन के 21वें संस्करण में शानदार प्रदर्शन करते हुए नया कोर्स रिकॉर्ड बनाया और पुरुषों का खिताब अपने नाम किया। वहीं, महिला वर्ग में इथियोपिया की 19 वर्षीय वुडिनेश अलेमु ने कई प्रबल दावेदारों को पछाड़ते हुए खिताब जीतकर सभी को चौंका दिया। वर्ल्ड एथलेटिक्स गोल्ड लेबल रोड रेस के इस प्रतिष्ठित आयोजन में भारतीय एलीट वर्ग में शैलेश कुशवाहा और अंकिता ध्यानी ने अपने-अपने वर्ग में जीत दर्ज की।
वर्ष 2026 के आयोजन में कुल 2,75,732 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि रखी गई थी। पुरुष और महिला वर्ग के विजेताओं को 27,000-27,000 डॉलर मिले। चार्ल्स मटाटा ने कुल 42,000 डॉलर की पुरस्कार राशि हासिल की, जिसमें विजेता की राशि के साथ 12,000 डॉलर का कोर्स रिकॉर्ड बोनस और 60 मिनट से कम समय में दौड़ पूरी करने पर 3,000 डॉलर का अतिरिक्त बोनस शामिल था। भारतीय एलीट वर्ग में पुरुषों और महिलाओं के शीर्ष तीन धावकों को क्रमशः 3.5 लाख, 2.5 लाख और 1.5 लाख रुपये दिए गए।
चार्ल्स मटाटा ने बनाया नया कोर्स रिकॉर्ड
अपने करियर में लगभग एक दर्जन हाफ मैराथन दौड़ चुके 29 वर्षीय केन्याई धावक चार्ल्स मटाटा ने इस साल मई में रीगा मैराथन जीतते हुए पहली बार 60 मिनट से कम समय में दौड़ पूरी की थी। उन्होंने वहां 59 मिनट 15 सेकंड का समय निकाला था। दिल्ली की सड़कों से भी वह परिचित थे। वर्ष 2023 में उन्होंने इसी प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल किया था। उनके जुड़वां भाई एलेक्स मटाटा ने 2025 के संस्करण में 59 मिनट 50 सेकंड के समय के साथ खिताब जीता था।
ठंडे और अनुकूल मौसम में दौड़ की शुरुआत हुई। पेसर इमैनुएल येगोन ने पुरुष धावकों को पहले पांच किलोमीटर तक 13 मिनट 56 सेकंड की रिकॉर्ड गति से आगे बढ़ाया। इसके बाद चार्ल्स ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए बाकी धावकों से बढ़त बना ली। इस दौरान इथियोपिया के दो बार के चैंपियन बिरहानु लेगेसे भी मैदान में मौजूद थे।
चार्ल्स ने 10 किलोमीटर की दूरी 27 मिनट 41 सेकंड और 15 किलोमीटर की दूरी 41 मिनट 39 सेकंड में पूरी की। 20 किलोमीटर पर उनका समय 55 मिनट 53 सेकंड रहा। अंततः उन्होंने 58 मिनट 52 सेकंड में दौड़ पूरी कर नया व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और 2020 से कायम 58 मिनट 53 सेकंड के पुराने कोर्स रिकॉर्ड को एक सेकंड से पीछे छोड़ दिया।
केन्याई धावकों ने पुरुष वर्ग में तीनों शीर्ष स्थान अपने नाम किए। सैमवेल न्यामाई मेलु ने 59 मिनट 24 सेकंड के साथ दूसरा और स्टैनली म्बुरू ने 59 मिनट 33 सेकंड के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। तीसरी बार खिताब जीतने की कोशिश में उतरे बिरहानु लेगेसे चौथे स्थान पर रहे।
चार्ल्स ने कहा, “मैं दिल्ली में पूरी तैयारी के साथ आया था और अपनी फिटनेस बनाए रखी थी, क्योंकि मुझे पता था कि यहां दौड़ना है। मुझे 59 मिनट के आसपास समय निकालने की उम्मीद थी, लेकिन शानदार मौसम और 2023 से इस कोर्स की मेरी परिचितता ने मुझे और बेहतर प्रदर्शन करने में मदद की। मेरा मानना है कि इंसान की क्षमताओं की कोई सीमा नहीं है और मैं खुद को आगे भी चुनौती देने के लिए तैयार हूं।”
सैमवेल ने कहा, “मेरी वापसी आसान नहीं थी। फरवरी में चोट लगने के कारण मुझे कई दौड़ और एक मैराथन रद्द करनी पड़ी। मुझे खुशी है कि मैंने दमदार वापसी की और पोडियम पर जगह बनाई।”
19 वर्षीय वुडिनेश अलेमु ने चौंकाया
महिला वर्ग की विजेता वुडिनेश अलेमु केनेनी के लिए दिल्ली हाफ मैराथन एक बड़ी उपलब्धि रही। दिल्ली आने से पहले उन्होंने केवल एक हाफ मैराथन में हिस्सा लिया था। इथियोपिया की इस युवा धाविका ने अब तक मुख्य रूप से ट्रैक स्पर्धाओं में भाग लिया है। पिछले साल कार्डिफ हाफ मैराथन में उन्होंने 1 घंटा 8 मिनट 8 सेकंड के समय के साथ तीसरा स्थान हासिल किया था।
दौड़ की शुरुआती बढ़त केन्या की इरीन चेप्टाई ने बनाई। उन्होंने अपनी हमवतन धाविकाओं के साथ पहले पांच किलोमीटर की दूरी 15 मिनट 55 सेकंड में पूरी की। अलेमु शुरुआती अग्रणी समूह में बनी रहीं और दौड़ के अंतिम चौथाई हिस्से में उन्होंने अपनी रफ्तार बढ़ाते हुए बढ़त हासिल कर ली।
केन्या की सिंथिया चेपक्वोनी, सेलाह बुसिएनेई और चेप्टाई ने उनका पीछा जारी रखा। अंतिम किलोमीटर तक वे अलेमु के लिए चुनौती बनी हुई थीं, लेकिन इथियोपियाई धाविका ने अपनी बढ़त कायम रखी और 1 घंटा 6 मिनट 35 सेकंड में दौड़ पूरी कर खिताब जीत लिया।
सेलाह बुसिएनेई ने 1:07:01 के समय के साथ दूसरा और सिंथिया चेपक्वोनी ने 1:07:32 के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। प्री-रेस फेवरेट चेप्टाई ने अंतिम चरण में सिंथिया को पीछे छोड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह 1:07:33 के समय के साथ चौथे स्थान पर रहीं।
अलेमु ने कहा, “मैं अपने प्रदर्शन से बहुत खुश हूं। मैंने शुरुआत से ही मजबूत दौड़ लगाई और पूरे समय अपनी गति बनाए रखी। यह मेरी दूसरी अंतरराष्ट्रीय हाफ मैराथन है और मैंने अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय में लगभग दो मिनट का सुधार किया है। इससे मुझे बहुत खुशी हुई है।”
उन्होंने कहा, “मैं केवल दो साल से दौड़ रही हूं, इसलिए अभी एक खिलाड़ी के रूप में सीख रही हूं और खुद को विकसित कर रही हूं। मुझे उम्मीद है कि मैं लगातार बेहतर प्रदर्शन करूंगी, अधिक अनुभव हासिल करूंगी और लंबी दूरी की दौड़ में एक मजबूत करियर बनाऊंगी।”
सेलाह बुसिएनेई ने कहा कि उन्हें शीर्ष तीन में जगह मिलने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन मानसिक मजबूती और कड़ी ट्रेनिंग ने उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने में मदद की। वहीं, सिंथिया चेपक्वोनी ने बताया कि उन्होंने ऊर्जा बचाने के लिए दौड़ के अधिकांश हिस्से में दूसरे धावक समूह के साथ दौड़ लगाई, जिससे उन्हें अंतिम चरण में मजबूती से दौड़ पूरी करने में मदद मिली।
शैलेश कुशवाहा और अंकिता ध्यानी ने जीते भारतीय एलीट खिताब
भारतीय पुरुष एलीट वर्ग में 20 वर्षीय शैलेश कुशवाहा ने बेहद करीबी मुकाबले में 1 घंटा 5 मिनट 5 सेकंड के समय के साथ खिताब जीता। उन्होंने आधी दूरी के बाद पांच धावकों के अग्रणी समूह से अलग होकर बढ़त बनाई और अंत तक इसे कायम रखा। गौरव माथुर 1:05:11 के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि हेमंत सिंह ने 1:05:37 के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।
शैलेश ने कहा, “65वीं राष्ट्रीय ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में अपने प्रदर्शन से मैं संतुष्ट नहीं था। इसलिए इस दौड़ में अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए उत्सुक था। शुरुआत में बढ़त लेकर अधिकांश दौड़ में आगे बने रहना आसान नहीं होता, लेकिन आज मैं ऐसा कर पाया। गौरव लगातार मेरे पीछे थे, इसलिए अंत तक दबाव महसूस हो रहा था।”
महिला भारतीय एलीट वर्ग में वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स की स्टीपलचेज रजत पदक विजेता अंकिता ध्यानी ने शानदार प्रदर्शन किया। अमेरिका में प्रशिक्षण लेने वाली अंकिता ने शुरुआती चरण में ही भारतीय धाविकाओं से बढ़त बना ली और अंतरराष्ट्रीय एलीट धाविकाओं के साथ दौड़ते हुए 1 घंटा 12 मिनट 46 सेकंड में फिनिश लाइन पार की। उन्होंने अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ समय में पांच मिनट से अधिक का सुधार किया।
डेब्यू कर रहीं सोनिया ने 1:14:56 के साथ दूसरा और भागीरथी ने 1:15:51 के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। पूर्व चैंपियन लिली दास ने 1:16:20 के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ चौथा स्थान प्राप्त किया।
अंकिता ने कहा, “मेरी ट्रेनिंग अच्छी चल रही है और सच कहूं तो जिस तरह से अभ्यास कर रही थी, उसके हिसाब से मैं इससे भी थोड़ा बेहतर कर सकती थी। अगर भारतीय महिला धाविकाएं हाफ मैराथन पर अधिक ध्यान दें, तो जल्द ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूटता हुआ दिखाई देगा। मुझे बहुत खुशी है कि पोडियम पर हम तीनों उत्तराखंड से हैं। राज्य हमें काफी सहयोग देता है और इस उपलब्धि से हम सभी खुश हैं।”
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