लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। महिलाओं के अधिकारों, समानता और समाज में प्रचलित रूढ़िवादी सोच को लेकर बदलती चर्चाओं के बीच शेयरचैट और मोज के लघु नाट्य मंच क्विक टीवी एवं मोज प्लस ने अक्टूबर महीने के लिए अपनी नई कहानियों की खास पेशकश का ऐलान किया है। इस पेशकश में पारिवारिक रिश्तों, महिलाओं के आत्मसम्मान, सामाजिक अपेक्षाओं, धोखे, बदले और व्यक्तिगत फैसलों की ताकत को दर्शाती कहानियां शामिल हैं। इस कड़ी में सबसे प्रमुख है ‘किस्मत वाली बेटी’, जो अपनी अजन्मी बेटी को बचाने के लिए संघर्ष कर रही एक मां की कहानी के जरिए समाज में आज भी मौजूद लैंगिक भेदभाव पर सवाल उठाती है।
‘किस्मत वाली बेटी’ की कहानी मेहक के इर्द-गिर्द घूमती है, जो गर्भवती है। गैरकानूनी तरीके से गर्भ में पल रहे बच्चे के लिंग का पता चलने के बाद उसका परिवार उस पर गर्भपात कराने का दबाव बनाता है, क्योंकि वह बेटी को जन्म देने वाली है। यह कहानी जादुई तत्वों से आगे बढ़कर उस सामाजिक सच्चाई को सामने लाती है, जहां आज भी महिलाओं को उनके होने वाले बच्चे के लिंग के आधार पर दबाव और भेदभाव का सामना करना पड़ता है। मेहक का संघर्ष मां-बेटी के रिश्ते की अहमियत को रेखांकित करने के साथ-साथ परिवार और समाज में महिलाओं की पसंद, स्वतंत्रता और अधिकारों को लेकर बनी रूढ़िवादी धारणाओं पर भी सवाल उठाता है।


महिलाओं के आत्मसम्मान और अपने जीवन पर दोबारा अधिकार हासिल करने की इसी सोच को अक्टूबर की अन्य कहानियां भी आगे बढ़ाती हैं। ‘पत्नी बनाम मां’ में गरिमा 25 साल तक अपने परिवार के लिए त्याग करने के बाद उस समय टूट जाती है, जब उसका पति तलाक लेने के इरादे से लौटता है और उसे सबके सामने अपमानित करता है। इसके बाद गरिमा का सफर अपना आत्मसम्मान दोबारा पाने और उस शादी से आगे अपनी पहचान बनाने का बन जाता है, जिसे बचाने में उसने अपनी जिंदगी के कई साल लगा दिए।
वहीं, ‘सौदा मोहब्बत का’ रिश्तों के एक अलग पहलू को सामने लाता है। कहानी की नायिका रवीना को अपने पति मयंक की अहमियत तब समझ आती है, जब उसे लंबे समय तक नजरअंदाज करने के बाद वह उसे अपनी जिंदगी में आगे बढ़ते और खुद को नए सिरे से स्थापित करते हुए देखती है।
इसी तरह, ‘संगदिल सनम’ में त्रिशा की जिंदगी में उस समय बदलाव आता है, जब उसका पति, जिसे वह लगातार कमतर आंकती रही है, अपना एक बिल्कुल अलग रूप सामने लाता है। विश्वासघात और रिश्तों में बदलते समीकरणों के जरिए यह कहानी दिखाती है कि किसी व्यक्ति को कम आंकने के क्या परिणाम हो सकते हैं। अलग-अलग नजरियों से बुनी गई ये कहानियां महिलाओं को केवल त्याग और निर्भरता के पारंपरिक दायरे में सीमित रखने के बजाय उनकी स्वतंत्र पहचान, आत्मसम्मान, मजबूती और अपने फैसलों के परिणामों को सामने लाती हैं।
लघु नाट्य कहानियों में अलग-अलग किरदारों के साथ प्रयोग करने का मौका
‘सौदा मोहब्बत का’ में मुख्य भूमिका निभा रहीं अभिनेत्री अलीशा पंवार ने क्विक टीवी और मोज की अक्टूबर पेशकश तथा लघु नाट्य कहानियों के बढ़ते दायरे पर कहा, “कम समय में दिखाई जाने वाली नाट्य कहानियों ने कहानी कहने के लिए एक दिलचस्प जगह बनाई है, जहां गहरी भावनाओं और अनोखी कहानियों को प्रभावी ढंग से दिखाया जा सकता है। क्विक टीवी की सबसे खास बात यह है कि यहां अलग-अलग तरह की कहानियों को जगह मिल रही है और यह विधा लगातार विस्तार कर रही है। इस अक्टूबर मेरे तीन बिल्कुल अलग धारावाहिक आने वाले हैं, जिनमें हर कहानी की दुनिया और किरदारों के समीकरण अलग हैं। रिश्तों और विश्वासघात से लेकर अपराध, मारधाड़ और भविष्य की तबाह दुनिया की पृष्ठभूमि तक, इस छोटे प्रारूप के जरिए कई तरह की कहानियां दिखाई जा रही हैं। यह दर्शकों और कलाकारों, दोनों के लिए अच्छा संकेत है, क्योंकि इससे पारंपरिक ढर्रे से हटकर कहानियां कहने और अलग-अलग विधाओं के साथ प्रयोग करने के नए अवसर मिल रहे हैं।”


साधारण दिखने वाले किरदारों की असाधारण ताकत दिखाएगी जादुई दुनिया
‘महाबली रक्षक’ में अपने अनुभव के बारे में अभिनेता रोहित चौधरी ने कहा, “मुझे ‘महाबली रक्षक’ की कहानी में शिवांश के किरदार का विरोधाभास सबसे ज्यादा आकर्षित करता है। दुनिया उसे एक साधारण और कमजोर इंसान के रूप में देखती है, जबकि वास्तव में उसके पास एक असाधारण पहचान और बड़ी जिम्मेदारी है। दर्शक ऐसे किरदारों से जुड़ाव महसूस करते हैं, जिन्हें शुरुआत में कम आंका जाता है, लेकिन बाद में उनकी असली ताकत सामने आती है। कम समय में दिखाई जाने वाली नाट्य कहानियों का प्रारूप हमें ऐसे पलों को तेजी से दिखाने और लगातार आने वाले रहस्यों के खुलासों के जरिए दर्शकों की दिलचस्पी बनाए रखने का मौका देता है। क्विक टीवी जैसे मंच पर जादुई शक्तियों और भव्य कहानियों को इस तरह के सहज और छोटे प्रारूप में देखना भी रोमांचक है।”
अक्टूबर की पेशकश में क्विक टीवी जादुई दुनिया, मारधाड़ और रोमांचक कहानियों का भी विस्तार कर रहा है। ‘महाबली रक्षक’, ‘पशु सम्राट’ और ‘जादूगर राजकुमार’ जैसी कहानियों में छिपी पहचान, असाधारण शक्तियों और ऐसे किरदारों की दुनिया देखने को मिलेगी, जिन्हें शुरुआत में कम आंका जाता है, लेकिन जो आगे चलकर अपनी वास्तविक क्षमता का परिचय देते हैं।
इसके अलावा, ‘जुआरी नंबर 1’ और ‘जुए का बाजीगर’ जुए की ऊंचे दांव वाली दुनिया और उसके परिणामों को सामने लाएंगे। ‘प्यार का काउंटडाउन’ में अलौकिक शक्तियों, प्रेम और बदले का अनोखा मेल देखने को मिलेगा, जबकि ‘गैंग्स ऑफ गुरुग्राम’ अपराध और प्रतिशोध की रोमांचक कहानी पेश करेगा।
‘किस्मत वाली बेटी’ को केंद्र में रखते हुए क्विक टीवी की अक्टूबर पेशकश मनोरंजन के साथ-साथ रिश्तों, पारिवारिक अपेक्षाओं, लैंगिक भेदभाव और व्यक्तिगत स्वतंत्रता जैसे मुद्दों को भी सामने लाने का प्रयास करती है। अलग-अलग विधाओं और मजबूत किरदारों से सजी ये कहानियां दर्शकों को भावनात्मक पारिवारिक नाटकों से लेकर जादुई दुनिया, मारधाड़ और रोमांच तक का अनुभव देंगी।
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