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रेलवे परियोजनाओं के प्रबंधन में एआई और बीआईएम तकनीक पर मंथन

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) द्वारा “भारतीय रेल की रैखिक निर्माण परियोजनाओं में बीआईएम आधारित परियोजना प्रबंधन सूचना प्रणाली का कार्यान्वयन” विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का गुरुवार को शुभारंभ हुआ। 15 एवं 16 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस कार्यशाला में क्षेत्रीय रेलों, रेलवे बोर्ड तथा रेलवे के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। 

भारतीय रेल वर्तमान में लगभग 40,000 किलोमीटर क्षेत्र में फैली 18.31 लाख करोड़ की अनुमानित कुल लागत वाली 514 प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं पर कार्य कर रही है। रेलवे अवसंरचना के इस व्यापक विस्तार में नई रेल लाइनों का निर्माण, रेल पटरियों का दोहरीकरण, संरक्षा संबंधी सुधार तथा आधुनिकीकरण की पहल शामिल हैं। इस कार्यशाला का आयोजन क्षेत्रीय रेलों एवं रेलवे के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा 5D बिल्डिंग इन्फॉर्मेशन मॉडलिंग क्षमताओं से युक्त परियोजना प्रबंधन सूचना प्रणाली को अपनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को समेकित करने तथा उनके अनुभवों को साझा करने के उद्देश्य से किया गया है। ताकि भारतीय रेल के लिए एक समान एवं समन्वित कार्यप्रणाली विकसित की जा सके।

काजी मेराज अहमद (अपर महानिदेशक, आरडीएसओ) ने कार्यशाला में उपस्थित प्रभात दनसाना (महानिदेशक, आरडीएसओ), राजेश अग्रवाल (अपर सदस्य/कार्य, रेलवे बोर्ड) सहित क्षेत्रीय रेलों, रेलवे के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं अन्य सहभागी संगठनों के प्रतिनिधियों का स्वागत किया। श्री अहमद ने 5D बिल्डिंग इन्फॉर्मेशन मॉडलिंग क्षमताओं से युक्त परियोजना प्रबंधन सूचना प्रणाली के क्षेत्र में क्षेत्रीय रेलों एवं रेलवे के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा किए जा रहे विभिन्न प्रयासों को एक मंच पर लाने के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यशाला के दौरान रेलवे निर्माण कार्यों की प्रगति की निगरानी के लिए बीआईएम आधारित परियोजना प्रबंधन सूचना प्रणाली के उपयोग पर विचार-विमर्श प्रारंभ हुआ। इसमें अर्थवर्क, पुलों, सुरंगों एवं बायडक्ट के निर्माण सहित विभिन्न अवसंरचना कार्यों की निगरानी पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके अतिरिक्त, निर्धारित आधारभूत समय-सारणी के अनुरूप प्रमुख उपलब्धियों एवं लक्ष्यों की निगरानी, एस-कर्व के माध्यम से संबंधी प्रगति का आकलन, डिजिटल मापन एवं बिलिंग, मॉडल के आधार पर गणना की गई मात्राओं से रनिंग अकाउंट बिलों का सत्यापन तथा निर्माण स्थलों के मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से प्रगति की रिपोर्टिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई।

परियोजना निगरानी एवं क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी बनाने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका भी कार्यशाला के प्रमुख विषयों में शामिल रही। इसके अंतर्गत इमेज प्रोसेसिंग के माध्यम से कार्यों की प्रगति का आकलन, चैटबॉट के जरिए परियोजना संबंधी जानकारी की उपलब्धता तथा विवाद कम करने एवं संसाधनों के पुनर्विनियोजन के लिए एआई आधारित समय-सारणी अनुकरण जैसे अनुप्रयोगों पर विचार-विमर्श किया गया।

कार्यशाला में बीआईएम आधारित परियोजना प्रबंधन सूचना प्रणाली प्लेटफॉर्म को भारतीय रेल की परियोजना स्वीकृति एवं प्रबंधन प्रणाली के साथ एकीकृत करने के प्रस्ताव पर भी विशेष चर्चा की गई। IRPSM का विकास एवं संचालन रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र द्वारा किया जाता है। इस एकीकरण का उद्देश्य परियोजना स्तर पर सत्यापित प्रगति संबंधी जानकारी को रेलवे बोर्ड की मौजूदा निगरानी प्रणाली तक निर्बाध रूप से उपलब्ध कराना है। जिससे आंकड़ों की दोहरी प्रविष्टि तथा समानांतर रिपोर्टिंग की आवश्यकता को कम किया जा सके। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रीय रेलों एवं रेलवे के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा अपनी वर्तमान पहलों तथा कार्यान्वयन योजनाओं को साझा किया जा रहा है।

इन परियोजनाओं के विशाल पैमाने एवं जटिलताओं को देखते हुए बीआईएम आधारित परियोजना प्रबंधन सूचना प्रणाली को अपनाने से प्रभावी परियोजना नियंत्रण, वास्तविक समय में प्रगति की निगरानी, बेहतर समन्वय तथा आंकड़ों पर आधारित निर्णय लेने की प्रक्रिया को बढ़ावा मिलने की अपेक्षा है। इससे रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं के प्रबंधन एवं क्रियान्वयन को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सहायता मिलेगी।

इस अवसर पर प्रभात दनसाना (महानिदेशक, आरडीएसओ) तथा राजेश अग्रवाल (अपर सदस्य/कार्य, रेलवे बोर्ड) ने भी उपस्थित अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों को संबोधित किया। उन्होंने अनुभवी को साझा करने, तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान तथा रेलवे निर्माण परियोजनाओं में बीआईएम आधारित परियोजना प्रबंधन सूचना प्रणाली को अपनाने के लिए समन्वित दृष्टिकोण विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यशाला 16 अक्टूबर 2026 को भी जारी रहेगी, जिसमें कार्यान्वयन की रणनीतियों एवं विभिन्न प्रणालियों के एकीकरण से संबंधित आवश्यकताओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा। इसका उद्देश्य भारतीय रेल में निर्माण परियोजनाओं के प्रबंधन हेतु समन्वित एवं प्रौद्योगिकी आधारित दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है।