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मानव समाज और संस्कृति के विकासवादी सिद्धांतों पर हुआ मंथन

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजाजीपुरम के मानवशास्त्र विभाग द्वारा “मानवशास्त्रीय सिद्धांत: विकासवाद के विशेष परिप्रेक्ष्य में एक विश्लेषण” विषय पर ऑनलाइन प्रसार व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्य एवं संरक्षिका प्रोफेसर शिवानी श्रीवास्तव की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।

प्रोफेसर शिवानी श्रीवास्तव ने मानवशास्त्र की व्यापकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा समकालीन प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को विषय के गहन एवं आलोचनात्मक अध्ययन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ऐसे अकादमिक आयोजनों को छात्राओं के बौद्धिक विकास, तार्किक चिंतन तथा विषय संबंधी समझ को समृद्ध करने में महत्त्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. संजय कुमार द्विवेदी (इलाहाबाद विश्वविद्यालय) ने मानवशास्त्रीय सिद्धांतों की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, उनके अध्ययन में प्रयुक्त प्रमुख विधियों तथा विकासवाद की अवधारणा के उद्भव पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने टायलर, मॉर्गन एवं फ्रेजर जैसे प्रमुख विचारकों के योगदान को स्पष्ट करते हुए सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास की अवधारणाओं की व्याख्या की। साथ ही, विकासवादी दृष्टिकोण का आलोचनात्मक विश्लेषण करते हुए उसकी उपयोगिता, सीमाओं तथा समकालीन मानवशास्त्र में उसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला।

व्याख्यान ने छात्राओं को मानव समाज, संस्कृति, परंपराओं एवं सामाजिक संस्थाओं को ऐतिहासिक, तुलनात्मक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम के अंत में डॉ. मोनिका द्विवेदी ने मुख्य वक्ता, प्राचार्य, समस्त महाविद्यालय परिवार तथा सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल एवं ज्ञानवर्धक बनाने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से योगदान देने वाले सभी के प्रति कृतज्ञता प्रकट की।