नई दिल्ली (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। MBD AI STEAM चैंपियनशिप 2026 के लिए 28 सितंबर को नई दिल्ली में कक्षा 6 से 8 तक के लगभग 70 छात्र एक साथ उपस्थित होंगे। यह स्कूलों के बीच होने वाला एक रोबोटिक्स चैलेंज है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से सीखने के एक ‘हेल्थी लर्निंग कम्पटीशन’ के ज़रिए साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, आर्ट्स और मैथमेटिक्स (STEAM) के कॉन्सेप्ट्स को वास्तविक जीवन से जोड़ा जायेगा।
यह चैंपियनशिप उन छात्रों के लिए सीखने की यात्रा का अगला कदम है, जिन्होंने ‘रोबोटिक्स लैब ऑन व्हील्स’ में हिस्सा लिया है। यह MBD ग्रुप के CSR विंग, ‘अशोक मल्होत्रा चैरिटेबल ट्रस्ट’ के शिक्षा-केंद्रित अभियान ‘लव टू लर्न’ का हिस्सा है। ‘रोबोटिक्स लैब ऑन व्हील्स’ के माध्यम से ट्रस्ट मोबाइल रोबोटिक्स लैब को स्कूलों तक ले जाकर छात्रों को प्रैक्टिकल STEAM लर्निंग का अवसर देता है। इसके जरिए छात्रों को रोबोटिक्स, कोडिंग, IoT और ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक अनुभव मिलता है।
पिछले एक साल में यह कार्यक्रम 30 से ज्यादा स्कूलों तक पहुंच चुका है और 3,000 से ज्यादा छात्रों व शिक्षकों को इसका लाभ मिला है। इस पहल ने छात्रों को अपनी लर्निंग (सीख) और स्किल (कौशल) को एक प्रतिस्पर्धी माहौल में आजमाने के लिए मजबूत आधार दिया है। MBD AI STEAM चैंपियनशिप इसी सीखने की यात्रा को आगे बढ़ाती है। यह छात्रों को अपनी सीखी हुई स्किल्स का इस्तेमाल करने, टीम के रूप में काम करने और अपने साथियों के साथ मिलकर अलग-अलग चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए एक मंच प्रदान करती है।
इस चैंपियनशिप में छात्र टीमों के तौर पर काम करते हुए रोबोट डिज़ाइन, ऑपरेशन और रणनीति की अपनी समझ का उपयोग करके ‘रोबो सॉकर’ और ‘पिक एंड प्लेस’ जैसे दो चैलेंज में हिस्सा लेंगे। इस कॉम्पिटिशन में उन्हें फ़ैसले लेने, चुनौतियों का सामना करने और अपनी टेक्निकल सीख को वास्तविक माहौल में लागू करने की ज़रूरत होगी।
MBD ग्रुप की चेयरपर्सन सतीश बाला मल्होत्रा ने कहा, “अशोक जी का हमेशा से मानना था कि शिक्षा बच्चों को अपना भविष्य खुद बनाने का आत्मविश्वास दे सकती है। यह देखकर बहुत अच्छा लगता है कि ‘रोबोटिक्स लैब ऑन व्हील्स’ और ‘MBD AI STEAM चैंपियनशिप’ जैसी पहलों के ज़रिए उनका यह दृष्टिकोण आगे बढ़ रहा है। जब बच्चों को खुद करके सीखने और अपने विचारों को हकीकत में बदलते देखने की खुशी मिलती है, तो इसका उन पर गहरा असर पड़ता है। मुझे उम्मीद है कि हम इस सफ़र को जारी रख पाएंगे और आने वाले सालों में और भी कई बच्चों तक ऐसे मौके उपलब्ध करा पाएंगे।”

MBD ग्रुप की मैनेजिंग डायरेक्टर मोनिका मल्होत्रा कंधारी ने कहा, “प्रैक्टिकल लर्निंग से छात्रों को चीज़ों को जानने, प्रयोग करने और यह समझने का मौका मिलता है कि चीज़ें कैसे काम करती हैं, जबकि एक कॉम्पिटिटिव प्लेटफ़ॉर्म उन्हें उस सीख को एक कदम और आगे ले जाने की चुनौती देता है। जब छात्र समस्याओं को हल करने, टीम के तौर पर काम करने, फ़ैसले लेने और योजना के मुताबिक चीज़ें न होने पर खुद को ढालने के लिए अपने ज्ञान का इस्तेमाल करते हैं, तो वे ऐसी स्किल विकसित करते हैं जो सिर्फ़ थ्योरी से नहीं सीखी जा सकती है। MBD AI STEAM चैंपियनशिप को छात्रों को वह अनुभव देने, उनका आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें यह दिखाने के लिए डिज़ाइन किया गया है कि वे खुद क्या बना सकते हैं।”
MBD ग्रुप की जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर सोनिका मल्होत्रा ने कहा, “हम चाहते हैं कि टेक्नोलॉजी बच्चों के लिए एक अवसर बने, फिर चाहे वे कहीं भी रहते हो, उनका बैकग्राउंड कुछ भी हो। MBD AI STEAM चैंपियनशिप इसी प्रयास का हिस्सा है। यह उन छात्रों को एक साथ आने और प्रतिस्पर्धी माहौल में रोबोटिक्स का अनुभव हासिल करने का अवसर देती है, जिन्हें ऐसे मौके आसानी से नहीं मिल पाते। जब अवसरों की पहुंच बढ़ती है, तो बच्चों के सपने और महत्वाकांक्षाएं भी बड़ी होती हैं। हमें उम्मीद है कि ऐसे अनुभव ज्यादा से ज्यादा बच्चों को खुद को क्रिएटर और प्रॉब्लम-सॉल्वर के रूप में देखने के लिए प्रेरित करेंगे। साथ ही उनमें उन नई संभावनाओं के बारे में सोचने का आत्मविश्वास पैदा करेंगे, जिनके बारे में उन्होंने शायद पहले कभी कल्पना भी नहीं की होगी।”
यह चैंपियनशिप STEAM शिक्षा को एक प्रतियोगिता से जोड़ती है, जहां छात्र अपनी सीखी हुई बातों को असल परिस्थितियों में आजमाते हैं। स्कूलों के लिए भी यह छात्रों की तकनीकी क्षमता और प्रतिभा को सामने लाने का मौका है। प्रतियोगिता के दौरान छात्र टीम बनाकर काम करते हैं, फैसले लेते हैं और सामने आने वाली चुनौतियों का तुरंत समाधान खोजते हैं।
इस चैंपियनशिप में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को इनाम दिए जाएंगे। विजेता स्कूल को 2 लाख रुपये की कीमत वाला AI STEAM लैब सेटअप, पहले रनर-अप को 75,000 रुपये की कीमत वाली रोबोटिक्स किट और दूसरे रनर-अप को 50,000 रुपये की कीमत वाली रोबोटिक्स किट मिलेगी। स्कूल-लेवल पर मिलने वाले ये इनाम चैंपियनशिप की अहमियत को सिर्फ़ एक प्रतियोगिता से कहीं आगे ले जाते हैं। इनसे जीतने वाले स्कूलों को ऐसे संसाधन मिलते हैं जिनसे वे छात्रों के लिए रोबोटिक्स और STEAM में सीखने, प्रयोग करने और अपनी स्किल्स को बेहतर बनाने के लगातार मौके बना सकें।
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