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जनसंख्या संतुलन से ही संभव है सतत विकास : प्रो. शिवानी श्रीवास्तव

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, राजाजीपुरम में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर कार्यवाहक प्राचार्या प्रो. डॉ. शिवानी श्रीवास्तव की अध्यक्षता में “जनसंख्या संतुलन एवं सतत विकास” विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में जनसंख्या वृद्धि, स्वास्थ्य, शिक्षा, लैंगिक समानता तथा सतत विकास के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था।

कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन कर रहे डॉ. अमितेन्द्र सिंह ने विश्व जनसंख्या दिवस के इतिहास, उद्देश्य तथा वर्तमान वैश्विक एवं राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में इसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या केवल संसाधनों पर दबाव ही नहीं बढ़ाती, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण तथा सामाजिक विकास जैसी अनेक चुनौतियों को भी जन्म देती है।

इस अवसर पर प्रो. डॉ. संजीव अग्रवाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए केवल सरकारी योजनाएँ ही पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सहभागिता एवं जागरूकता भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को परिवार नियोजन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, महिला सशक्तिकरण तथा सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षित समाज ही संतुलित एवं विकसित राष्ट्र की आधारशिला होता है।

विशाल वर्मा ने अपने वक्तव्य में जनसंख्या और पर्यावरण के मध्य गहरे संबंधों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग, पर्यावरण संरक्षण तथा जनसंख्या नियंत्रण एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने युवाओं, विशेषकर छात्राओं से समाज में जागरूकता फैलाने तथा स्वस्थ एवं उत्तरदायी नागरिक बनने का संदेश दिया।

महाविद्यालय की प्राचार्या ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि विश्व जनसंख्या दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को उत्तरदायी नागरिक बनने की प्रेरणा देने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या का संतुलित विकास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता तथा जागरूक नागरिक समाज ही विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला हैं। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे स्वयं जागरूक बनें तथा परिवार एवं समाज में जनसंख्या, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित सकारात्मक संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें।

कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. निशि मिश्रा ने दिया। उपस्थित सभी प्राध्यापकों एवं छात्राओं ने जनसंख्या संबंधी जागरूकता को जन-जन तक पहुँचाने तथा स्वस्थ, शिक्षित एवं उत्तरदायी समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।