मुंबई (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस ने ‘सम्पूर्ण केयर – कैंसर’ लॉन्च किया है। यह टाटा एआईए का पहला ऐसा कैंसर प्लान है, जो बीमारी के दौरान कमाई रुकने पर भी घर खर्च को रुकने नहीं देता और नियमित आमदनी की तरह आर्थिक सहारा बनता है। इसमें पैसे मिलने के लचीले विकल्प मिलते हैं, जिन्हें हर परिवार अपनी ज़रूरत के हिसाब से कस्टमाइज़ कर सकता है। इसके साथ ही, ‘सम्पूर्ण केयर – कैंसर फंड’ का विकल्प भी है। यह आपको एक हेल्थ सेविंग्स फंड जोड़ने की सुविधा देता है ताकि बीमारी के इलाज के लिए आप बिना किसी टैक्स की चिंता के पैसे निकाल सकें।
भारतीय ग्राहक आखिर क्या चाहते हैं? (सर्वे के नतीजे)
कोई भी समाधान तैयार करने से पहले, टाटा एआईए ने ग्राहकों से एक सीधा सवाल पूछा: अगर दुर्भाग्यवश किसी को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी हो जाए, तो आप बीमा का पैसा किस रूप में पाना चाहेंगे? इस सर्वे के नतीजों ने पुरानी सोच को पूरी तरह बदल दिया, जिसके तहत माना जाता था कि परिवार सिर्फ एक बार में इकट्ठा पैसा चाहते हैं।
48% ग्राहक चाहते हैं कि उन्हें मिलने वाला पैसा एक नियमित आमदनी के रूप में मिले — इनमें से 47% लोग मासिक आय और 4% लोग वार्षिक आय के पक्ष में हैं।
76% ग्राहक चाहते हैं कि यह आमदनी कुछ महीनों के लिए नहीं, बल्कि सालों तक चले — इनमें से 42% लोग 2 साल तक और 34% लोग 5 साल तक पेमेंट पाना चाहते हैं।
ग्राहकों का इशारा बिल्कुल साफ था। आधे लोग सिर्फ एकमुश्त रकम का चेक नहीं चाहते, बल्कि वे अपनी नियमित आमदनी का एक विकल्प चाहते हैं। इसके अलावा, हर तीन में से दो ग्राहकों का मानना था कि मार्केट में इससे पहले कैंसर सुरक्षा के साथ आमदनी जोड़ने वाला ऐसा कोई भी विकल्प कभी उपलब्ध नहीं कराया गया।
दो उत्पाद, एक जवाब।, कैंसर सुरक्षा का एक बिल्कुल नया नज़रिया
इसी बड़ी कमी को समझते हुए, टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस ने आज एक साथ दो ऐतिहासिक उत्पाद लॉन्च करने की घोषणा की है: ‘सम्पूर्ण केयर – कैंसर’ और ‘सम्पूर्ण केयर – कैंसर फंड’ मिलकर एक ऐसा बेजोड़ सुरक्षा कवच बनाते हैं, जो कैंसर के इलाज से लेकर घर चलाने के खर्च तक, हर आर्थिक चुनौती का भारत में सबसे मज़बूत और व्यापक समाधान पेश करता है।
टाटा एआईए लाइफ इंश्योरेंस के चीफ बिज़नेस ऑफिसर – प्रोप्रायटरी बिज़नेस, प्रपोजिशंस एंड मार्केटिंग, सुजीत कोठारे ने कहा, “भारतीय परिवारों में कैंसर का पता चलना भावनात्मक और वित्तीय, दोनों ही तौर पर सब कुछ तोड़ देने वाला हो सकता है। यह एक बंधी-बंधाई और नियमित आमदनी के पूरे चक्र को बिगाड़ सकता है, क्योंकि मरीज़ को पूरी तरह ठीक होने और दोबारा कमाने की स्थिति में आने के लिए समय की ज़रूरत होती है।”
उन्होंने कहा, “ये दोनों उत्पाद साथ मिलकर इस चुनौती के हर पहलू का समाधान करते हैं—पहले ही दिन से क्लेम देने और आय का सहारा बनने से लेकर, भविष्य की लंबी बचत को सुरक्षित रखने और विश्व स्तरीय इलाज की सुविधा देने तक। भारतीय परिवार एक ऐसी संपूर्ण सुरक्षा के हकदार हैं, जो उतनी ही बड़ी और व्यापक हो, जितनी बड़ी यह समस्या है।”
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