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‘मिशन फॉर स्कूल्स’ बना सुरक्षा का आधार, देशभर में स्कूलों को मिला सम्मान

नई दिल्ली (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। देश के 23 राज्यों के लगभग 104 अग्रणी स्कूलों और 36 राष्ट्रीय छात्र चैंपियनों को ‘राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा शिक्षा उत्कृष्टता पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। ये पुरस्कार ‘राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा मिशन फॉर स्कूल्स’ (NRSM) के तहत दिए गए। इस मिशन को जिनेवा स्थित ‘इंटरनेशनल रोड फेडरेशन’ (IRF) की भारतीय शाखा ने शुरू किया था। IRF एक वैश्विक सड़क सुरक्षा संस्था है जो दुनिया भर में बेहतर और सुरक्षित सड़कों के लिए काम करती है। इस मिशन में ‘एकेडेमिया एक्सिस एडुटेक’ नामक एक गैर-सरकारी संस्था ने भी सहयोग किया। जिसका उद्देश्य स्कूलों और शैक्षणिक क्षेत्रों के पास छात्रों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है।

देश भर के लगभग 5000 स्कूलों को इस सड़क सुरक्षा अभियान में शामिल किया गया। इसके तहत 22 लाख से अधिक छात्रों को सड़क सुरक्षा के बारे में शिक्षित और जागरूक किया गया। जिनमें से 4.65 लाख छात्र ‘सड़क सुरक्षा राजदूत’ (Road Safety Ambassadors) बने।

इस सड़क सुरक्षा मिशन में स्कूल क्षेत्रों के पास के बुनियादी ढांचे में सुधार करना भी शामिल था। इसके अंतर्गत कम लागत वाले इंजीनियरिंग उपायों जैसे ट्रैफिक साइनेज, ट्रैफिक कमिंग (गति नियंत्रण), सड़क चिह्नांकन, डिलीनिएटर और रोड स्टड्स लगाने के माध्यम से स्कूल परिसर को सुरक्षित बनाया गया। इसके साथ ही, कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई सड़क सुरक्षा शिक्षा डिजिटल माध्यम से भी प्रदान की गई।

पुरस्कार वितरण के दौरान ‘इंटरनेशनल रोड फेडरेशन’ (IRF) के प्रेसिडेंट एमेरिटस के.के. कपिला ने कहा, “सड़क सुरक्षा शिक्षा गर्मियों और सर्दियों की छुट्टियों के दौरान प्रदान की जाती है, ताकि इसमें माता-पिता की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके। भारत में सड़क सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक चिंताओं में से एक बनकर उभरी है। विशेष रूप से स्कूलों और शैक्षणिक क्षेत्रों के पास बच्चों से जुड़ी दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए। छात्रों के लिए सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना और युवा नागरिकों के बीच सड़क के जिम्मेदार उपयोग की संस्कृति को बढ़ावा देना अब एक अत्यंत आवश्यक राष्ट्रीय प्राथमिकता बन गया है। इस संदर्भ में, स्कूलों पर केंद्रित एक समर्पित मिशन ने सुरक्षित सड़क व्यवहार को आकार देने और समुदाय-आधारित सुरक्षा पहलों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।”

उन्होंने कहा, “भारत में, सड़क सुरक्षा एक बड़ी चिंता का विषय है, क्योंकि हर साल लगभग 1.73 लाख लोगों की जान चली जाती है। इनमें से लगभग 7-8 प्रतिशत मौतें असुरक्षित स्कूल ज़ोन के पास होती हैं, जो सड़क सुरक्षा को एक महत्वपूर्ण सामाजिक चिंता के रूप में रेखांकित करता है। इनमें से 80% से अधिक दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। इस मुद्दे से निपटने के लिए एक सक्रिय प्रयास के तहत, ‘स्कूलों के लिए राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा मिशन’ पहल हमारे समाज में कम उम्र से ही सड़क सुरक्षा की संस्कृति विकसित करने और स्कूल ज़ोन को सुरक्षित बनाने में मदद करेगी। इस प्रकार, हर बच्चे के स्कूल जाने के सफ़र को सुरक्षित बनाएगी।”

के.के. कपिला ने कहा, “एकेडेमिया एक्सिस एडुटेक एक गैर-सरकारी संस्था के साथ मिलकर शुरू की गई इस पहल के तहत की जा रही कुछ गतिविधियों में स्कूलों के पाठ्यक्रम में एक समान सड़क सुरक्षा पाठ्यक्रम को शामिल करने की वकालत करना शामिल है। इंडियन रोड कांग्रेस (IRC)-32 मानकों के आधार पर स्कूल ज़ोन का सुरक्षा ऑडिट करना, जागरूकता के लिए उन्हें एक सार्वजनिक पोर्टल पर रैंक देना और साथ ही इन ऑडिट को करने के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण के माध्यम से क्षमता-निर्माण प्रदान करना। सड़क चिह्नों, साइनेज, पैदल यात्री क्रॉसिंग, गति कम करने के उपायों और फुटपाथों के माध्यम से स्कूल ज़ोन को बेहतर बनाने के लिए स्कूलों और स्थानीय अधिकारियों के साथ सहयोग करना।”

उन्होंने कहा, “नाटकों, क्विज़, लघु-नाटकों, चित्रकला प्रतियोगिताओं, कार्टूनों और कहानियों जैसी रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में सड़क सुरक्षा जागरूकता को बढ़ावा देना। यह कार्यप्रणाली स्कूलों को व्यापक सड़क सुरक्षा ज़ोन जानकारी के लिए अद्वितीय लॉगिन ID प्रदान करती है, जिससे सुरक्षा मानकों के कार्यान्वयन में सुधार होता है। शिक्षा मंत्रालय के तहत अपने पायलट चरण में, IRF इंडिया-चैप्टर ने देश भर के पाँच राज्यों — असम, तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश — में प्रत्येक में 10 स्कूलों का और नई दिल्ली में पाँच स्कूलों का ऑडिट किया है।”

यह मिशन दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में अभी भी जारी है। श्री कपिला ने सड़क सुरक्षा के ‘5 E’s’ (5 तत्व) — रोड इंजीनियरिंग, वाहन इंजीनियरिंग, शिक्षा, प्रवर्तन और आपातकालीन देखभाल को लागू करने पर भी ज़ोर दिया।