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भारत-यूके समझौते से बढ़ेंगे रोजगार, UPEX 2026 में दिखेगी नई तकनीक

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। उत्तर प्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ‘उत्तर प्रदेश एनर्जी एक्सपो (UPEX) 2026’ के प्री-इवेंट अवेयरनेस कार्यक्रम का आयोजन शुक्रवार को होटल ताज में किया गया।

इस कार्यक्रम का आयोजन PHD चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (UP स्टेट चैप्टर) एवं ‘फर्स्ट व्यू’ द्वारा, उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (UPNEDA), इन्वेस्ट यूपी (उत्तर प्रदेश सरकार की एजेंसी) तथा ‘सेवा’ के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम को सिगएनर्जी, आइकॉन सोलर, KEI इंडस्ट्रीज लिमिटेड, सालासार टेक्नो इंजीनियरिंग लिमिटेड, पॉलीकैब इंडिया, साएल इंडस्ट्रीज, रेडिको खेतान, एरेम, फिनटेक्स इंडिया, एसएलएनको एनर्जी एवं ट्रू पावर का भी समर्थन प्राप्त रहा।

कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ रहा। जिसके अंतर्गत उद्योग जगत के प्रतिनिधियों एवं सरकारी अधिकारियों ने सौर ऊर्जा क्षेत्र में उभरते अवसरों, वर्तमान नीतिगत ढांचे एवं राज्य में इसकी बढ़ती संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

मुख्य अतिथि, उत्तर प्रदेश सरकार में औद्योगिक विकास राज्य मंत्री जसवंत सिंह सैनी ने कहा कि भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता (FTA) युवाओं के लिए कौशल विकास एवं रोजगार के नए अवसर उत्पन्न करेगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ‘निवेश मित्र’ पोर्टल के माध्यम से उद्योगों के लिए पारदर्शी एवं अनुकूल वातावरण प्रदान कर रही है। उन्होंने FTA को “स्वर्णिम अवसर” बताते हुए कहा कि उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपनाकर वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत पहचान बनानी चाहिए।

ब्रिटिश उप उच्चायुक्त बेन मेलर ने भारत-यूके संबंधों को मजबूत साझेदारी का उदाहरण बताते हुए कहा कि प्रस्तावित FTA से व्यापार में स्थिरता आएगी। व्यवसाय करना आसान होगा और AI, लाइफ साइंसेज, वित्तीय सेवाओं एवं ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में नए अवसर खुलेंगे। उन्होंने बताया कि यह समझौता 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 60 अरब डॉलर से बढ़ाकर 120 अरब डॉलर तक पहुंचा सकता है।

UPNEDA के निदेशक रविंदर सिंह (IAS) ने कहा कि सतत विकास के लिए नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि ‘पीएम सूर्य घर योजना’ एवं ‘पीएम-कुसुम योजना’ के माध्यम से घरों, किसानों एवं उद्योगों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि 15 अप्रैल तक लखनऊ में 85,000 से अधिक सोलर पैनल स्थापित किए जा चुके हैं और उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में देश में प्रथम स्थान पर है।

UPNEDA के सचिव पंकज सिंह ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा को गति देने के लिए नवाचार, आसान वित्तपोषण एवं सभी हितधारकों के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है।

PHDCCI के सीईओ एवं महासचिव डॉ. रंजीत मेहता ने उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य की बड़ी आबादी, बढ़ती क्रय शक्ति, मजबूत MSME आधार, ODOP उत्पाद एवं GI टैग उत्पाद इसे वैश्विक साझेदारी के लिए एक सशक्त बाजार बनाते हैं। उन्होंने विशेष रूप से कंप्रेस्ड बायोगैस एवं कृषि आधारित ऊर्जा क्षेत्रों में भारत-यूके सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक गतिविधियों के बढ़ने के साथ ही ऊर्जा की मांग में भी उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। ऐसे में नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। भारत ने कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने और वर्ष 2030 तक 45 प्रतिशत तक कार्बन रिडक्शन का लक्ष्य तय किया है, जिसे हासिल करने में रिन्यूएबल एनर्जी की अहम भूमिका होगी।

उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (PHDCCI) द्वारा लखनऊ में UPEX 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से उद्योगपतियों, निवेशकों और युवाओं को नई तकनीकों, वित्तीय सुविधाओं और बाजार की संभावनाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही यह बताया जाएगा कि किस प्रकार रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स को व्यवहारिक रूप से लागू किया जा सकता है।

कार्यक्रम में युवाओं, स्टार्टअप्स और छोटे व्यापारियों को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि वे अपने कारोबार में स्वच्छ ऊर्जा का उपयोग कर लागत में कमी और बेहतर बाजार अवसर प्राप्त कर सकें। एक्सपो में विभिन्न सरकारी और निजी संस्थाओं का सहयोग भी रहेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह एक्सपो राज्य में स्वच्छ ऊर्जा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और निवेश को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

PHDCCI के सह-अध्यक्ष (UP स्टेट चैप्टर) विवेक अग्रवाल ने भारत की तेजी से सीखने एवं अनुकूलन करने की क्षमता को रेखांकित करते हुए कहा कि ग्रीन एनर्जी, फिनटेक एवं एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में अपार संभावनाएं हैं। PHDCCI के सह-अध्यक्ष चेतन सब्बरवाल ने कहा कि भारत-यूके FTA के तहत गारमेंट सेक्टर को अब शून्य-शुल्क (Zero Duty) का लाभ मिलेगा, जिससे भारतीय निर्यातकों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती मिलेगी।

संयुक्त DGFT, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय आलोक द्विवेदी ने बताया कि सरकार EPCG स्कीम एवं ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप्स जैसे उपायों के माध्यम से निर्यात को बढ़ावा दे रही है तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है।

UPEX 2026 के कॉन्फ्रेंस सह-संयोजक यूपी त्रिपाठी ने बताया कि यह एक्सपो रूफटॉप सोलर, बड़े सौर प्रोजेक्ट्स, C&I सॉल्यूशंस, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, स्मार्ट ग्रिड एवं एनर्जी स्टोरेज जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को प्रदर्शित करेगा। कार्यक्रम में PHDCCI के उप महासचिव डॉ. जतिंदर सिंह एवं वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक अतुल श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।