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SCIENCE CITY : क्विज, पोस्टर और व्याख्यान के जरिए पृथ्वी को बचाने का दिया संदेश

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। पर्यावरण जागरूकता एवं सतत जीवन शैली के महत्व को बढ़ावा देते हुए, आंचलिक विज्ञान नगरी में पृथ्वी दिवस पर दो दिवसीय कार्यक्रम राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी, भारत (NASI), लखनऊ चैप्टर के सहयोग से किया गया। इस दो दिवसीय कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों एवं आगंतुकों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। इस अवसर पर 1500 से अधिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

21 अप्रैल को क्विज प्रतियोगिता एवं फिल्म प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को जलवायु परिवर्तन, संरक्षण एवं सतत विकास से जुड़े विषयों की जानकारी प्रदान की गई।

22 अप्रैल को पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता एवं विज्ञान व्याख्यान का आयोजन किया गया। जिसमें डॉ. पंकज कुमार श्रीवास्तव (मुख्य वैज्ञानिक, CSIR-NBRI), ने “हमारी शक्ति, हमारी पृथ्वी: मिशन LiFE का महत्व” विषय पर व्याख्यान दिया।

उन्होंने पृथ्वी के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर देते हुए सतत जीवन शैली अपनाने के व्यावहारिक उपायों पर प्रकाश डाला। उन्होंने लखनऊ में पड़ रही भीषण गर्मी एवं उसके प्रभावों, जैसे विद्यालयों का समय से पूर्व बंद होना, का भी उल्लेख किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने प्लास्टिक उपभोग, माइक्रोप्लास्टिक के दुष्प्रभाव, सिंगल-यूज़ प्लास्टिक तथा वनीकरण के महत्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की। व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से सहभागिता करते हुए विषय से संबंधित प्रश्न पूछे।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी, भारत (NASI), लखनऊ चैप्टर के डॉ. संजय बत्रा एवं CSIR–NBRI के डॉ. आर. डी. त्रिपाठी की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने इस पहल की सराहना की। स्वरूप मंडल (केंद्र प्रमुख) ने भी प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए पृथ्वी दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला तथा विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण हेतु जागरूक एवं जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के अंत में आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित करने के साथ ही उनकी प्रतिभा एवं ज्ञान को सराहा गया। इस आयोजन ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण में अपनी भूमिका को समझने के लिए प्रेरित किया तथा यह संदेश दिया कि हमारे ग्रह की सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं।