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होर्मुज स्ट्रेट के पास धमाका! ईरान के शहर पर अमेरिका-इजरायल का हमला, 5 लोगों की मौत

Middle East War : मध्य पूर्व में तनाव के माहौल के बीच रविवार सुबह अमेरिका और इजरायल ने मिलकर होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान के एक महत्वपूर्ण शहर बंदर खमीर पर हमला किया है। इस हमले में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई है और चार अन्य घायल हो गए हैं। यह घटना क्षेत्र में बढ़ते संकट और तनाव की ओर संकेत कर रही है, जहां युद्ध की आशंकाएं तेज हो रही हैं।खबर के मुताबिक, ईरानी सरकारी मीडिया ने कहा है कि रविवार को किए गए इन हमलों में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट के किनारे स्थित बंदर खमीर के घाट पर हमला किया गया। इस हमले में पांच व्यक्तियों की मौत हो गई और चार घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि यह हमला ईरान की सैन्य और रणनीतिक स्थलों को निशाना बनाकर किया गया है।ईरान की सेना ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह हमला क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा रहा है। इजरायली सेना ने अपने बयान में दावा किया कि इस हमले के दौरान उन्होंने हथियार भंडारण और उत्पादन स्थलों को निशाना बनाया है, साथ ही हवाई रक्षा प्रणालियों को भी टारगेट किया गया है। इजरायल ने यह भी कहा कि यह कार्रवाई ईरान में हुई ऐसी घटनाओं का ही हिस्सा है, जिसमें अब तक कई हमले हो चुके हैं।मिडिल ईस्ट में युद्ध की आशंकाएं इस कदर बढ़ गई हैं कि अब कोई पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहा है। ईरान लगातार खाड़ी देशों पर हमले कर रहा है, वहीं अमेरिका भी इस क्षेत्र में सैन्य ताकत बढ़ा रहा है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी नौसेना का युद्धपोत USS त्रिपोली को खाड़ी क्षेत्र में तैनात किया गया है, जिसमें 3500 अतिरिक्त सैनिक और लड़ाकू विमानों को शामिल किया गया है।वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खार्ग द्वीप और होर्मुज स्ट्रेट पर कब्जे या हमले की योजना बना रहा है। अमेरिकी सरकार इन क्षेत्रों में कई हफ्तों से जमीनी युद्ध की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि ट्रंप राष्ट्रपति रहते हैं, तो वह किसी भी सैन्य कार्रवाई को मंजूरी दे सकते हैं, हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वह इस पर कितना निर्णय लेंगे।अमेरिका और उसके सहयोगी क्षेत्रीय तनाव को कम करने के बजाय बढ़ाने में लगे हैं और दोनों पक्षों की तरफ से युद्ध की आशंकाएं गहरी हो रही हैं। क्षेत्रीय स्थिरता और शांति के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक बनती जा रही है, जबकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस तनाव को खत्म करने की दिशा में प्रयासरत है।