वर्धा (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के अंतर्गत 13 से 19 मार्च तक आयोजित विशेष शिविर का उद्घाटन शुक्रवार को परीक्षा नियंत्रक एवं प्रभारी कुलसचिव डॉ. सुरेंद्र गादेवार तथा मेरा युवा भारत के उप-निदेशक शिवधन शर्मा के द्वारा विश्वविद्यालय के उत्तरी परिसर में किया। इस दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के संयोजक डॉ. बालाजी चिरडे, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विधु खरे दास, डॉ. शिव सिंह बघेल एवं डॉ. हेमचंद्र ससाने आदि सहित विद्यार्थियों की उपस्थिति रही।

डॉ. सुरेंद्र गादेवार और शिवधन शर्मा ने शिविर के महत्व को बताया तथा विद्यार्थियों का उत्साह वर्धन किया। उन्होंने शिविर में सहभागिता कर रहे विद्यार्थियों को टी शर्ट प्रदान किए। शिविर के दूसरे दिन शनिवार को गुर्रम जाशुवा सभागार में ‘आपदा प्रबंधन’ विषय पर एक व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में कैप्टन मोहन गुजरकर उपस्थित रहे।
अपने संबोधन की शुरुआत कैप्टन मोहन गुजरकर ने स्वामी विवेकानंद के उद्धरण से करते हुए कहा कि युवा किसी भी देश के शिल्पकार और निर्माता होते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं में इतनी ऊर्जा और क्षमता होती है कि वे एक स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, चंद्रशेखर आजाद और रानी लक्ष्मीबाई जैसे महान क्रांतिकारियों से प्रेरणा लेकर देशसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि जाति, धर्म और वर्ग से ऊपर उठकर सभी ने स्वयं को भारतीय मानते हुए राष्ट्र सेवा को अपना सर्वोच्च कर्तव्य समझना चाहिए।
इस अवसर पर विशेष शिविर के संयोजक डॉ. बालाजी चिरडे ने अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए विद्यार्थियों को समाज सेवा और आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विधु खरे दास तथा डॉ. हेमचंद्र ससाने भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन राणाप्रताप राय ने किया, जबकि श्रेयांशी सतरूपा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर एनएसएस के सभी स्वयंसेवक एवं विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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