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डिजिटल प्लेटफॉर्म से MSME सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर

डिजिटल प्लेटफॉर्म से MSME सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। PHD Chamber of Commerce and Industry (PHDCCI) ने L&T-SuFin के सहयोग से PHD House में Lucknow B2B Market Linkage Forum 2026 – Exploring Lucknow as a Sourcing Destination का आयोजन किया। इस फोरम में यह चर्चा की गई कि किस प्रकार B2B औद्योगिक ई-कॉमर्स इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल मशीनरी, मेटल्स और अलॉय, औद्योगिक सप्लाई, सोलर पावर, बिल्डिंग मटेरियल, प्लास्टिक्स, ऑटो पार्ट्स और पैकेजिंग जैसे क्षेत्रों में MSME सप्लाई चेन को मजबूत कर सकता है।

कविता निगम (सीनियर मेंबर, PHDCCI और चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज ऑफिसर, Karam Safety Pvt. Ltd.) ने कहा कि लखनऊ के लगभग 16,000 MSMEs सप्लायर, खरीदारों और औद्योगिक क्लस्टरों को जोड़ने वाले B2B मार्केटप्लेस के निर्माण के लिए मजबूत आधार प्रदान करते हैं। यह नवाचार-आधारित विकास, कौशल विकास और बेहतर ease of doing business के माध्यम से संभव हो सकता है।

एक विस्तृत प्रस्तुति में, सौम्या पाठक (रीजनल लीड – नॉर्थ, L&T-SuFin) ने बताया कि इंजीनियरिंग प्रमुख Larsen & Toubro द्वारा शुरू किया गया L&T-SuFin MSME खरीदारों और विक्रेताओं को एक डिजिटल मार्केटप्लेस के माध्यम से जोड़ता है। इस प्लेटफॉर्म पर 50 से अधिक उत्पाद श्रेणियां और 8.5 लाख से अधिक SKUs उपलब्ध हैं, जो इंफ्रास्ट्रक्चर सप्लाई चेन से जुड़े हैं—जैसे वायर, केबल, TMT स्टील, स्ट्रक्चरल मटेरियल और अन्य निर्माण व औद्योगिक इनपुट।

उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म Request-for-Quotation (RFQ) मॉडल पर कार्य करता है, जिससे खरीदारों को कई सप्लायर्स से प्रतिस्पर्धी कोटेशन प्राप्त करने में सुविधा मिलती है। साथ ही L&T-SuFin Trust सील वाले Trusted Sellers, इंटीग्रेटेड पेमेंट गेटवे और पैन-इंडिया लॉजिस्टिक्स पार्टनरशिप सुरक्षित लेन-देन सुनिश्चित करते हैं। उन्होंने बताया कि इस मार्केटप्लेस पर वर्तमान में 45,000 से अधिक पंजीकृत विक्रेता हैं और यह बैंक तथा NBFC के माध्यम से इनवॉइस डिस्काउंटिंग और Buy-Now-Pay-Later जैसी कार्यशील पूंजी सुविधाएं भी प्रदान करता है, जिससे MSMEs को खरीद के लिए तरलता प्रबंधन में मदद मिलती है।

उन्होंने कहा कि खरीदारों और विक्रेताओं के लिए अलग-अलग मोबाइल एप्लिकेशन डिजिटल सोर्सिंग को सक्षम बनाते हैं, जबकि निजी ब्रांड Solido और Gravis औद्योगिक सुरक्षा उपकरण, कंक्रीट एडमिक्सचर, वॉल-केयर मटेरियल और टाइल्स जैसे उत्पाद उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे प्लेटफॉर्म भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम से जुड़े क्षेत्रों में पारदर्शिता, मूल्य खोज और दक्षता को बढ़ा सकते हैं।

प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए PHDCCI के सीनियर सेक्रेटरी पुनीत चौधरी ने कहा कि MSMEs को व्यापक सप्लाई चेन से जोड़ने वाले प्लेटफॉर्म बाजार तक पहुंच बढ़ाने और औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

कीर्ति राज सिंह (ज्वाइंट सेक्रेटरी, Safety Appliances Manufacturers Association, यूपी चैप्टर) ने कहा कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म औद्योगिक सुरक्षा उपकरण निर्माताओं के लिए नए अवसर खोल रहे हैं। इससे डिस्ट्रीब्यूटर और प्रोक्योरमेंट टीमें बड़े ऑर्डर आसानी से दे सकती हैं और छोटे उद्योग भी बड़े ब्रांड्स के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।

यू.पी. त्रिपाठी (सेक्रेटरी, Solar Energy Vendors Association) ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लगभग 90 लाख MSMEs, राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन इनमें से कई के पास डिजिटल दृश्यता नहीं है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन उपस्थिति, प्रमाणन और डिजिटल मार्केटिंग क्षमताओं को मजबूत करने से उद्योग अपनी विशिष्ट क्षमताओं को प्रदर्शित कर सकेंगे और सप्लाई-चेन में व्यवधान के दौरान स्थानीय वितरण नेटवर्क पर निर्भरता कम कर सकेंगे।

केशव पी. माथुर (प्रेसिडेंट, Laghu Udyog Bharti, लखनऊ चैप्टर) ने कहा कि MSMEs—जिन्हें अक्सर स्थानीय व्यवसाय माना जाता है—B2B डिजिटल कॉमर्स के माध्यम से वैश्विक आपूर्तिकर्ता बन सकते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री की हाल की सिंगापुर और जापान यात्राओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में नए उद्योगों को आकर्षित करना है, जबकि डिजिटल प्लेटफॉर्म स्थानीय सप्लायर्स को साझेदारी बनाने और अयोध्या, प्रतापगढ़ और अलीगढ़ जैसे जिलों में उभरते औद्योगिक क्लस्टरों से जुड़ने में मदद कर सकते हैं।

कार्यक्रम का समापन प्रश्न-उत्तर सत्र के साथ हुआ। इसके बाद PHDCCI के डिप्टी रेजिडेंट डायरेक्टर कौशिक फुलोरिया ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया और L&T-SuFin के प्रतिनिधियों के साथ नेटवर्किंग तथा B2B बैठकों का आयोजन किया गया।