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डीपीआईआईटी और वोल्‍टास लिमिटेड ने की साझेदारी

नई दिल्‍ली (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। वोल्टास लिमिटेड ने भारत के कूलिंग और स्मार्ट उपकरण इकोसिस्टम में उद्योग और स्टार्टअप्स के बीच सहयोग को मजबूत करने तथा नवाचार को गति देने के उद्देश्य से वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। इस साझेदारी को औपचारिक रूप देते हुए डॉ. सुमीत कुमार जारंगल (निदेशक, डीपीआईआईटी) और मुकुंदन मेनन (मैनेजिंग डायरेक्टर, वोल्टास लिमिटेड) के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

यह सहयोग उन स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है, जो हीटिंग, वेंटिलेशन और एयर कंडीशनिंग, उन्नत नियंत्रण प्रणालियाँ, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग आधारित डायग्नोस्टिक्स, आईओटी-सक्षम स्मार्ट उपकरण तथा विनिर्माण और सेवा संचालन के डिजिटलीकरण जैसे क्षेत्रों में अगली पीढ़ी की तकनीकों पर काम कर रहे हैं। इस पहल के तहत वोल्टास लिमिटेड और स्‍टार्टअप इंडिया मिलकर भारत स्‍टार्ट-अप ग्रैंड चैलेंज प्लेटफॉर्म के माध्यम से इनोवेशन चैलेंज आयोजित करने तथा उद्योग से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए विशेष हैकाथॉन आयोजित करने की संभावनाओं पर भी काम करेंगे।

इस अवसर पर संजीव (संयुक्त सचिव, डीपीआईआईटी) ने कहा कि यह सहयोग उद्योग और स्टार्टअप्स के बीच साझेदारियों को मजबूत करने और उन्नत विनिर्माण व डीप-टेक क्षेत्रों में देशी नवाचार को बढ़ावा देने के सरकार के निरंतर फोकस को दर्शाता है। उन्होंने कहा, स्टार्ट-अप्स को उद्योग के प्रमुख दिग्गजों के साथ जोड़ने से उद्यमियों को अपने नए-नए विचारों को वास्तविक दुनिया के प्रयोगों वाले बड़े पैमाने के उत्पादों और समाधानों में बदलने में मदद मिलेगी।

स्टार्टअप इंडिया के निदेशक डॉ. सुमीत कुमार जारंगल ने कहा कि डीपीआईआईटी वोल्टास और व्यापक स्टार्टअप इंडिया इकोसिस्टम के बीच गहरे सहयोग को बढ़ावा देगा। इसमें कार्यक्रम की पहुंच बढ़ाना, डीपीआईआईटी-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स की भागीदारी को प्रोत्साहित करना और इनोवेशन चैलेंज, हैकाथॉन तथा उभरती तकनीकों पर आधारित पायलट कार्यक्रम जैसी सहयोगात्मक पहलों को सक्षम करना शामिल है।

वोल्टास लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्‍टर मुकुंदन मेनन ने कहा कि यह साझेदारी भारत के नवाचार इकोसिस्टम को मजबूत करने और अगली पीढ़ी की कूलिंग तकनीकों के विकास को बढ़ावा देने के लिए कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स के साथ सहयोग ऊर्जा-कुशल कूलिंग समाधानों, स्मार्ट उपकरणों, प्रेडिक्टिव डायग्नोस्टिक्स और डिजिटल सर्विस प्लेटफॉर्म को बढ़ावा देने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, साथ ही उभरती तकनीकों पर काम कर रहे उद्यमियों को अपने नवाचारों का दायरा बढ़ाने में भी सक्षम कर सकता है।

इस साझेदारी के तहत, वोल्टास उभरती उद्योग संबंधी जरूरतों के अनुरूप उच्च-क्षमता वाले स्टार्ट-अप्स की पहचान करने और उन्हें सहायता प्रदान करने के लिए ‘स्टार्टअप इंडिया’ पहल के साथ मिलकर काम करेगा। इस कार्यक्रम के तहत चुने गए स्टार्ट-अप्स को मेंटरशिप, तकनीकी मार्गदर्शन, अनुसंधान एवं परीक्षण बुनियादी ढांचा और बाजार संपर्कों तक पहुंच प्राप्त होगी, ताकि उत्पाद विकास और व्यावसायिक उपयोग को गति दी जा सके। 

इनमें ऊर्जा-कुशल कूलिंग सिस्टम, वायु गुणवत्ता निगरानी और फिल्ट्रेशन तकनीक, उन्नत इन्वर्टर नियंत्रण, प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस समाधान, रेफ्रिजरेंट सुरक्षा प्रणाली और इंस्टॉलेशन व सर्विसिंग के लिए डिजिटल उपकरण क्षेत्र शामिल हो सकते हैं। चुने गए स्टार्ट-अप्स प्रूफ-ऑफ-कंसेप्ट (पीओसी) कार्यक्रमों में भी भाग ले सकते हैं, जहाँ वे उत्पाद सत्यापन और प्रौद्योगिकी एकीकरण के लिए वोल्टास की इंजीनियरिंग टीमों के साथ सहयोग करेंगे। यह साझेदारी वोल्टास के सर्विस नेटवर्क के माध्यम से फील्ड ट्रायल की सुविधा भी प्रदान करेगी, ताकि नए समाधानों के परीक्षण, सुधार और अंततः उनके व्यावसायीकरण में मदद मिल सके।