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SCIENCE CITY : महिला दिवस विशेषज्ञों ने दिया सशक्तिकरण का संदेश

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। आंचलिक विज्ञान नगरी में रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में महिलाओं के सशक्तिकरण, अधिकारों, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के महत्व को उजागर करना था। कार्यक्रम की शुरुआत प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर स्वरूप मंडल के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने महिला दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि एक महिला शिक्षित होती है, तो पूरा समाज शिक्षित बनता है।

सीएसआईआर–केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान की पूर्व वैज्ञानिक डॉ. आनंद अखिला ने प्रेरणादायक संबोधन दिया। उन्होंने महिला अधिकारों के लिए काम करने वाली कार्यकर्ता शालिनी माथुर के प्रेरक कार्यों का उल्लेख करते हुए महिलाओं में जागरूकता और सशक्तिकरण के महत्व पर जोर दिया।

शालिनी माथुर ने महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करते हुए अपने अनुभव साझा किए और घरेलू हिंसा तथा स्टोव जलने से जुड़े मामलों जैसे मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने महिलाओं के साथ होने वाले अन्याय के विरुद्ध सामाजिक जागरूकता और सहायक तंत्र की आवश्यकता पर बल दिया।

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार व्यक्त करते हुए जीवन के हर क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित किया और उन्हें शिक्षा, विज्ञान और नेतृत्व के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यह भी साझा किया कि उनके पिता का विज्ञान सिटी से जुड़ाव रहा है और वे पहले इस संस्थान का दौरा कर चुके हैं, जिससे इस कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति उनके लिए विशेष और भावनात्मक बन गई।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा महिलाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर कई विषयगत सत्र भी आयोजित किए गए।

·        घरेलू हिंसा – प्रो. रितु घोष

·        महिलाओं का स्वास्थ्य – डॉ. पूजा अग्रवाल

·        यौन उत्पीड़न – डॉ. शिखा त्रिपाठी

·        महिलाओं के अधिकार और कर्तव्य – हेमा कलाकोटी

·        अत्याचारों के विरुद्ध आत्मनिर्भरता – डॉ. जी. मजूमदार

·        विवाह और तलाक – डॉ. सुपर्णा मजूमदार

प्रत्येक सत्र का उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना, संवाद को प्रोत्साहित करना और महिलाओं को उनके अधिकारों तथा स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी देकर सशक्त बनाना था। कार्यक्रम के अंत में विशिष्ट वक्ताओं और प्रतिभागियों को सम्मान स्वरूप स्मृति-चिन्ह भेंट किए गए। समारोह का समापन महिलाओं के लिए जीवन के हर क्षेत्र में समानता, गरिमा और अवसरों को बढ़ावा देने के सामूहिक संदेश के साथ हुआ।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. आनंद अखिला ने आत्म-सशक्तिकरण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सशक्त समाज की शुरुआत घर से होती है। परिवार में महिलाओं को प्रोत्साहित और सहयोग दिया जाएगा, तभी एक सशक्त समाज का निर्माण संभव होगा।