कोलकाता : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के उत्तर बंगाल दौरे के दौरान संथाल समाज द्वारा आयोजित 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के लिए अनुमति न दिए जाने और प्रोटोकॉल के कथित उल्लंघन को लेकर राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की है। परिषद की स विज्ञप्ति में कहा गया है कि भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था में देश के प्रथम नागरिक के कार्यक्रम में इस प्रकार का कुप्रबंधन अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। परिषद का कहना है कि राष्ट्रपति के आगमन के समय प्रोटोकॉल का पालन न किया जाना राज्य सरकार की उदासीनता और प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। ऐसा करके ममता बनर्जी की सरकार ने सारी सीमा पार कर दी है।विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया है कि सम्मेलन के आयोजन के लिए सुचारु अनुमति नहीं मिलने के कारण कार्यक्रम स्थल को चार बार बदलना पड़ा। परिषद ने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि देश की प्रथम आदिवासी महिला राष्ट्रपति को अपने ही देश में कार्यक्रम के आयोजन में बाधाओं का सामना करना पड़ा।अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं भारतीय लोकतंत्र की अंतरात्मा को आहत करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक द्वेष के कारण इस तरह की स्थिति उत्पन्न हुई है। परिषद ने इस पूरे प्रकरण की निंदा करते हुए राष्ट्रपति के प्रति कथित अनादर के लिए राज्य सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
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