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UPMRC : MD ने “शक्ति मेट्रो” को दिखाई हरी झंडी, ‘एक्जीबिशन ऑन व्हील्स’ की हुई शुरुआत

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। समाज में महिलाओं की उपलब्धियों और योगदान का सम्मान करने के उद्देश्य से UPMRC के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने शनिवार को विशेष “शक्ति मेट्रो” का शुभारंभ किया। इसके साथ ही लखनऊ मेट्रो के नॉर्थ–साउथ कॉरिडोर पर एक सप्ताह तक चलने वाली ‘एक्जीबिशन ऑन व्हील्स’ की शुरुआत हुई।

कार्यक्रम की शुरुआत सीसीएस एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन से हुई, जहां प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने औपचारिक रूप से शक्ति मेट्रो का उद्घाटन किया। इसके बाद प्रबंध निदेशक ने UPMRC के अधिकारियों के साथ विशेष रूप से डिजाइन की गई मेट्रो ट्रेन में सवार होकर ‘एक्जीबिशन ऑन व्हील्स’ का अवलोकन किया। जिसमें भारत के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली प्रमुख महिलाओं की प्रेरणादायक यात्राओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया है। यह प्रदर्शनी एक सप्ताह तक चलेगी और मेट्रो में यात्रा करने वाले यात्री अपने आवागमन के दौरान इसे देख सकेंगे।

इस अवसर पर सुशील कुमार ने हजरतगंज मेट्रो स्टेशन पर स्थापित ‘वॉल ऑफ ग्रैटिट्यूड’ का भी अनावरण किया। यह एक विशेष दीवार है जहां लोग उन महिलाओं के लिए संदेश लिख सकते हैं जिन्होंने उनके जीवन को प्रभावित किया है। कई यात्रियों ने इसमें भाग लेते हुए अपनी मां, पत्नी, बहन, शिक्षक, सहकर्मी, मित्र आदि के प्रति आभार व्यक्त करते हुए संदेश लिखे।

सीसीएस एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन पर महिला हाउसकीपिंग और सुरक्षा स्टाफ के लिए विशेष म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता के विजेताओं को हजरतगंज मेट्रो स्टेशन पर प्रबंध निदेशक सुशील कुमार द्वारा पुरस्कृत किया गया।

इसके अलावा ‘शो योर टैलेंट’ पहल के तहत हजरतगंज मेट्रो स्टेशन पर एक संगीत कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। यह सभी के लिए ओपन इवेंट था, जिसमें महिला यात्रियों ने अपने पसंदीदा गीत गाए। इस गतिविधि से स्टेशन पर उत्साहपूर्ण माहौल बना और महिला यात्रियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला।

इस अवसर पर बोलते हुए UPMRC के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा, “मुझे यह बताते हुए अत्यंत गर्व हो रहा है कि हमारी हर तीन में से एक ट्रेन महिला ट्रेन ऑपरेटर द्वारा संचालित की जाती है। इसी प्रकार कोर तकनीकी विभागों जैसे मेंटेनेंस, सिग्नलिंग, इलेक्ट्रिकल सिस्टम आदि में हर चार कर्मचारियों में से एक महिला है। इसके अतिरिक्त लखनऊ में लगभग 20% अधिकारी महिला हैं।”

उन्होंने कहा कि ‘एक्जीबिशन ऑन व्हील्स’ और यात्रियों की सहभागिता से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से UPMRC लखनऊ मेट्रो के यात्रियों के लिए सार्थक और समावेशी अनुभव प्रदान करने का प्रयास कर रहा है।

लखनऊ मेट्रो में महिलाओं की सुरक्षा

ट्रेनों में

• प्रत्येक कोच में दो पैसेंजर इमरजेंसी इंटरकॉम (PEI) उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से आपात स्थिति में यात्री सीधे ट्रेन ऑपरेटर से संपर्क कर सकते हैं।

• PEI बटन दबाते ही यात्री ट्रेन ऑपरेटर से लाउडस्पीकर के माध्यम से बात कर सकता है, जिससे अन्य यात्रियों को भी जानकारी रहती है कि सहायता उपलब्ध है।

• PEI उपयोग किए जाने वाले कोच की CCTV फुटेज स्वतः ड्राइवर केबिन, OCC, DCC और सिक्योरिटी कंट्रोल रूम में प्रसारित हो जाती है।

• ट्रेन के अगले स्टेशन पर रुकते ही सुरक्षा टीम यात्री की सहायता के लिए उपस्थित रहती है और सहायता प्रदान किए जाने के बाद ही ट्रेन आगे बढ़ती है।

• प्रत्येक ट्रेन में 16 CCTV कैमरे लगे हैं, जो हर समय गतिविधियों की निगरानी करते हैं। इनका फीड ड्राइवर केबिन, सेंट्रलाइज्ड OCC और सिक्योरिटी कंट्रोल रूम में प्रदर्शित होता है।

स्टेशनों पर

• प्रत्येक स्टेशन पर 50 से 60 CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी निम्न स्थानों से होती है:

– स्टेशन कंट्रोल रूम

– डिपो कंट्रोल सेंटर में स्थित केंद्रीकृत सुरक्षा कंट्रोल रूम, जहां UP पुलिस तैनात रहती है

• सुरक्षा जांच की व्यवस्था

• सभी स्टेशनों पर महिला सुरक्षा कर्मियों की उपस्थिति

• महिला शौचालयों में महिला हाउसकीपिंग स्टाफ की तैनाती

• स्टेशन कंट्रोलर और टिकट काउंटर के लिए कांच के पारदर्शी केबिन, जिससे स्टेशन की लगातार निगरानी संभव हो सके

• आपात स्थिति में टॉकबैक सुविधा के साथ कांच की पारदर्शी लिफ्टें

• स्टेशनों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, ताकि कोई अंधेरा स्थान न रहे

UPMRC अपने सभी यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देता है।