लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। उत्तर प्रदेश में बालिका शिक्षा को अधिक समान, गुणवत्तापूर्ण और परिवर्तनकारी बनाने की दिशा में एक अहम पहल के तहत उत्तर प्रदेश ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ गर्ल एजुकेशन एलायंस नेटवर्क (UTGAN) का औपचारिक शुभारंभ मंगलवार को लखनऊ में किया गया। यह नेटवर्क राज्य भर में बालिका शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत नागरिक समाज संगठनों (सीएसओ) का एक सहयोगी मंच है।
UTGAN का उद्देश्य जेंडर ट्रांसफॉर्मेटिव एजुकेशन के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में दीर्घकालिक और प्रणालीगत बदलाव लाना है। यह मंच नीति संवाद, जमीनी नवाचार, क्षमता निर्माण और साझेदारी को बढ़ावा देकर बालिकाओं की शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर समन्वित प्रयास करेगा।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि बालिका शिक्षा केवल नामांकन तक सीमित नहीं, बल्कि गुणवत्ता, समान अवसर और सुरक्षित व समावेशी सीखने के माहौल से जुड़ा विषय है। UTGAN के माध्यम से राज्य में कार्यरत संगठनों के अनुभव और संसाधनों को एकजुट कर प्रभावी समाधान विकसित किए जाएंगे, जिससे बालिकाओं की शिक्षा में ठोस और स्थायी सुधार सुनिश्चित हो सके।

स्वतालीम फाउंडेशन के सह संस्थापक वैभव कुमार ने UTGAN की यात्रा बताते हुए सभी संस्थानों के मंच पर आने को एक सुनहरा अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि सामाजिक संस्थानों के सामूहिक प्रयास से सरकार द्वारा किए जा रहे किशोरियों की शिक्षा और लैंगिक समानता के प्रयासों को बल मिलेगा और बदलाव की दिशा में यह एक सकारात्मक पहल साबित होगा।
मुख्य वक्ता डॉ. पवन सचान (संयुक्त निदेशक, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, उत्तर प्रदेश) ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बालिका शिक्षा में वास्तविक बदलाव केवल नामांकन तक सीमित नहीं रह सकता है। इसके लिए UTGAN जैसे समूहों को आगे आकर साथ मिलकर कार्य करने की ज़रूरत है। डॉ. पवन सचान के अनुसार बालिका शिक्षा में वास्तविक परिवर्तन तभी संभव है जब पाठ्यक्रम, शिक्षण प्रक्रिया और सामाजिक सोच—तीनों में समानांतर बदलाव हो। उन्होंने कहा कि जेंडर ट्रांस्फरमेटिव शिक्षा के माध्यम से ही शिक्षा प्रणाली में दीर्घकालिक आएगा।

इस अवसर पर ‘जेंडर ट्रांसफोरमेटिव शिक्षा में सिद्धांत से व्यवहार’ पर एक पैनल चर्चा का आयोजन हुआ। जिसमें उत्तर प्रदेश में शिक्षा के माध्यम से एक लैंगिक समान प्रदेश की परिकल्पना को लेकर चर्चा की गयी। इसमें वैश्विक उदाहरणों और शोध से निकाली गयी प्रणालियों को लेकर उत्तर प्रदेश के परिपेक्ष्य में कैसे उतारा जा सकता है और कैसे सामूहिक प्रयास से लैंगिक विषमता को जड़ से समाप्त किया जा सकता है, इस पर भी चर्चा हुई।
उत्तर प्रदेश महिला एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक पुष्पेंद्र सिंह ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सामजिक संगठन अगर सरकार की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाए तो प्रयास और प्रभावशाली होगा। UTGAN जैसे समूह इसमें एक प्रभावकारी भूमिका निभा सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान UTGAN के चार्टर का औपचारिक विमोचन किया गया। जिसमें नेटवर्क की साझा दृष्टि और आगामी कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। इस अवसर पर डॉ. अनन्या तिवारी (सह-संस्थापक, स्वातलीम फाउंडेशन) ने सभी सहभागी संगठनों को इस सहयोगी पहल के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह प्रयास उत्तर प्रदेश में बालिका शिक्षा को लेकर एक नई सोच और दिशा प्रस्तुत करता है। UTGAN आने वाले वर्षों में शोध, नीति संवाद और जमीनी स्तर पर कार्य के माध्यम से उत्तर प्रदेश में बालिका शिक्षा के क्षेत्र में एक सहयोग आधारित मॉडल विकसित करेगा, जो राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उदाहरण बनेगा।
इस सहयोगी नेटवर्क में स्वातलीम फाउंडेशन, पीरामल फाउंडेशन, यूनिसेफ, स्टडी हॉल एजुकेशनल फाउंडेशन, एजुकेट गर्ल्स, एक्शनऐड, प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन और मिलान फाउंडेशन शामिल हैं। इस कार्यक्रम में राज्य सरकार के अधिकारी, राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय CSO प्रतिनिधि, शिक्षाविद और जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता शामिल रहे।
Telescope Today | टेलीस्कोप टुडे Latest News & Information Portal