लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। मैन्युफैक्चरिंग ऐज़ अ सर्विस (MaaS) राउंडटेबल में वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों तथा प्रौद्योगिकी साझेदारों ने भाग लिया। बैठक में स्केलेबल एवं किफायती विनिर्माण मॉडलों पर गहन मंथन किया गया। ताकि उत्तर प्रदेश के औद्योगिक इकोसिस्टम को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।
इस आयोजन का मुख्य आकर्षण उत्तर प्रदेश सरकार और औद्योगिक साझेदारों के बीच हुए महत्वपूर्ण समझौते रहे। जो राज्य के सुरक्षित निवेश परिवेश के प्रति उद्योग जगत के अटूट भरोसे को दर्शाते हैं। लगभग ₹3,030 करोड़ के निवेश संकल्पों के साथ हुई इन साझेदारियों से प्रदेश में 2.3 लाख नए रोजगार सृजित होने की संभावना है, जो उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति देगा।

यह निवेश प्रस्ताव विविध क्षेत्रों में राज्य की बढ़ती औद्योगिक क्षमता को दर्शाते हैं। परिधान विनिर्माण के लिए टॉन्स कंसल्टिंग ग्रुप एवं एमसीए कंसल्टिंग तथा कॉमर्स व स्पेस एजुकेशन में अपस्किलिंग हेतु ‘अपग्रैड’ के सहयोग से एडवेट लर्निंग ने हाथ मिलाया है। वहीं, औद्योगिक वेयरहाउसिंग एवं सेमीकंडक्टर्स में अविग्ना प्रा. लि. और रक्षा व इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में एस एन धवन एंड कंपनी एलएलपी के निवेश प्रस्ताव प्रमुख हैं।
इसके अतिरिक्त, साक्षी स्टील प्रोसेसिंग, टेक्निकल कंसल्टिंग फॉर मास (MaaS) और नियो सैन प्रा. लि. द्वारा डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग में निवेश की पहल ने प्रदेश के औद्योगिक, तकनीकी और कौशल ईकोसिस्टम को और अधिक सशक्त बनाया है।
मुख्यमंत्री के आर्थिक सलाहकार डॉ. के.वी. राजू की अध्यक्षता में आयोजित सत्र में उत्तर प्रदेश की उभरती वैश्विक भूमिका और आर्थिक प्रगति का रोडमैप साझा किया गया। उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2017 से अब तक राज्य की जीडीपी में तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है। डॉ. राजू ने प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि ‘सर्विस-बेस्ड मैन्युफैक्चरिंग’ के जरिए लागत कम करने और उत्पादकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

चर्चा के दौरान “UP Means Business” विज़न के तहत इन्वेस्ट यूपी की भूमिका को रेखांकित किया गया। सत्र में राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने के लिए कौशल-केंद्रित जोन (Skill-focused zones) और नवाचार क्लस्टर स्थापित करने की रणनीतियों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया।
मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी की अध्यक्षता वाले सत्र में कौशल, सुरक्षा और कनेक्टिविटी को उत्तर प्रदेश की सतत विकास यात्रा का आधार बताया गया। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ प्रदेश का विशाल उपभोक्ता आधार इसे किसी भी कंपनी के लिए एक बड़ा बाज़ार बनाता है।
मुख्यमंत्री के सलाहकार जी.एन. सिंह ने उत्तर प्रदेश के उभरते हेल्थकेयर एवं फार्मा हब के रूप में विकास एवं एकीकृत सप्लाई चेन निर्माण हेतु उद्योग से सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया।

अतिथियों का स्वागत करते हुए इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरण आनंद ने ‘डेस्टिनेशन उत्तर प्रदेश’ पर प्रस्तुति दी। जिसमें राज्य के मजबूत लैंड बैंक, निवेशक प्रोत्साहन और प्रगतिशील नीतिगत ढांचे को रेखांकित किया गया।
बैठक के दौरान उद्योग साझेदारों ने भी महत्वपूर्ण विचार साझा किए। डब्ल्यूएमजी ग्रुप ने विकसित भारत 2047 विज़न के अंतर्गत MaaS को परिवर्तनकारी मॉडल बताते हुए लैंड ऐज़ अ सर्विस, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लस्टर विकास, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी तथा मशीन-शेयरिंग जैसे तत्वों को MSME प्रतिस्पर्धा बढ़ाने हेतु आवश्यक बताया। आरएमजी मैन्युफैक्चरिंग ग्रुप ने रेडीमेड गारमेंट निर्माण में प्रदेश की संभावनाएँ प्रस्तुत कीं।
अपग्रैड के सह-संस्थापक विवेक अग्रवाल ने “अपस्किलिंग उत्तर प्रदेश” पहल पर प्रकाश डाला। अविग्ना ग्रुप के सीएफओ एम.वी. पवन तथा नियो सैन प्रा. लि. के प्रेसिडेंट नव्रुन जैकब ने उन्नत विनिर्माण क्षमताओं का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के समापन पर सभी सहभागी कंपनियों को डॉ. के.वी. राजू द्वारा ओडीओपी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
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