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मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले स्विस संसद के सदस्य निक्लाउस सैमुअल गुगर, विभिन्न विषयों पर हुई चर्चा

भोपाल : स्विट्जरलैंड की संसद (नेशनल काउंसिल) के सदस्य निक्लाउस सैमुअल गुगर ने मध्य प्रदेश के प्रवास के दौरान शुक्रवार देर शाम भोपाल में मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सौजन्य भेंट की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से औद्योगिक विकास, ऊर्जा संरक्षण सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की।मुख्यमंत्री डॉ. यादव से स्विस संसद के सदस्य गुगर ने स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों, प्रिसिशन मैन्युफैक्चरिंग और ऊर्जा दक्षता के लिए डिजिटल समाधान के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश औद्योगिक ऑटोमेशन और सतत् प्रौद्योगिकी में स्विस विशेषज्ञता का विशेष लाभ उठा सकता है। उन्होंने कहा कि जलवायु शासन, औद्योगिक संक्रमण पर नीति आदान-प्रदान के लिए स्विस संसदीय प्रतिनिधियों को मध्यप्रदेश आमंत्रित किया जाए।मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर स्विस संसद सदस्य गुगर ने मध्य प्रदेश के जलवायु और स्थिरता पहलों में स्विस निजी क्षेत्र की संभावित भागीदारी और यहां के युवाओं के लिए नवीकरणीय ऊर्जा एवं उन्नत विनिर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग) में तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सहयोग/समर्थन देने की बात कही। उन्होंने कहा कि हरित प्रौद्योगिकी पर शोध के लिए स्विस विश्वविद्यालयों के साथ संयुक्त पहल की संभावनाएं भी तलाशी जा सकती हैं।गुगर ने कहा कि स्विस नागरिकों के लिए मध्य प्रदेश को एक विरासत एवं इको टूरिज्म गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया जाए, इससे लोगों के बीच जुड़ाव बढ़ाने के लिए सांस्कृतिक विनिमय कार्यक्रमों की योजना बनाई जा सकती है। मुख्यमंत्री ने गुगर के सुझावों की सराहना कर हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, एमपीआईडीसी के प्रबंध संचालक चंद्रमौली शुक्ला सहित औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम दावोस में हुई थी भेंटउल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव से गत माह दावोस में हुए वर्ल्ड इकॉनामिक फोरम में स्विस संसद सदस्य गुगर ने सौजन्य भेंट की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री से भारत से अपने संबंधों, नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग, पर्यावरण-संरक्षण और जनजातीय कल्याण जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की थी। चर्चा के दौरान ग्रामीण ईको पर्यटन, मिलेट्स के प्रमोशन और मध्य प्रदेश-स्विट्जरलैंड के बीच भावी सहयोग की सभी संभावनाओं और अवसरों पर भी विचार-विमर्श किया गया था।