रजत जयंती वर्ष में भव्य होगा 15 दिवसीय उत्तरायणी कौथिग-2026
लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)।एक ओरजहां मंगलवार को जानकीपुरम विस्तार इलाके के नहर रोड पर 18वें यूपी महोत्सव का भव्य आगाज हो गया। वहीं दूसरी ओर बुधवार से गोमा तट पर पर्वतीय छटा बिखरेगी।पर्वतीय महापरिषद के 25 वर्ष पूर्ण होने के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर 15 दिवसीय उत्तरायणी कौथिग-2026 का भव्य आयोजन 14 जनवरी से 28 जनवरी तक पं. गोविन्द बल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन, बीरबल साहनी मार्ग, गोमती तट पर किया जाएगा। मंगलवार को महापौर सुषमा खर्कवाल भी महोत्सव स्थल पहुंची और पकवान तले।

पर्वतीय महापरिषद के अध्यक्ष गणेश चन्द्र जोशी ने बताया कि कौथिग का विधिवत उद्घाटन 14 जनवरी को उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे। इस अवसर पर सांसदों, मंत्रियों, विधायकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, व्यवसायिक जगत के प्रतिनिधियों सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे।
महासचिव महेंद्र सिंह रावत ने बताया कि उद्घाटन दिवस पर दोपहर 2 बजे रामलीला मैदान, महानगर से सजी-धजी झांकियों, रथों और पारंपरिक बाजे-गाजे के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह शोभायात्रा नीलमथा, तेलीबाग, कल्याणपुर, गोमती नगर, सरोजनी नगर, इंदिरा नगर, राजाजीपुरम, एलडीए कॉलोनी (कानपुर रोड), विकास नगर, कुर्मांचल नगर, सीतापुर रोड सहित विभिन्न क्षेत्रों से होते हुए कौथिग स्थल पहुंचेगी।

गोमती तट पर आयोजित इस पौराणिक, ऐतिहासिक एवं धार्मिक पर्व की तैयारियाँ व्यापक स्तर पर पूर्ण कर ली गई हैं। मुख्य मंच पर 10 फुट ऊँची और 28 फुट लंबी एलईडी स्क्रीन स्थापित की गई है। मंच के दोनों ओर उत्तराखण्ड के पारंपरिक घरों की झलक दर्शाते छायाचित्र लगाए गए हैं, जिससे सम्पूर्ण मंच देवभूमि की संस्कृति को जीवंत करता है।
कौथिग में उत्तराखण्ड की प्रमुख बाजारों के नाम से सजाए गए स्टाल लगाए गए हैं, जहाँ पारंपरिक खाद्य पदार्थ, ऊनी वस्त्र, हस्तशिल्प, बाल मिठाई सहित अनेक स्थानीय उत्पाद उपलब्ध रहेंगे।

हर वर्ष की भाँति इस बार भी मंच से पर्वत गौरव सम्मान, वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली वीरता सम्मान, गौरा देवी महिला सम्मान, डॉ. एम.सी. पंत चिकित्सा सम्मान, श्यामाचरण काला पत्रकारिता सम्मान, बी.एम. शाह नाट्य कला सम्मान, गोपाल उपाध्याय साहित्य सम्मान, रणवीर सिंह बिष्ट कला सम्मान, देबकी नन्दन पाण्डेय उद्घोषक सम्मान, गोविन्द नयाल सामाजिक सेवा सम्मान, दीवान सिंह डोलिया लोक कला सम्मान तथा युवा सम्मान प्रदान किए जाएंगे।
उत्तराखण्ड सहित अन्य राज्यों के सांस्कृतिक दलों द्वारा छोलिया नृत्य, नन्दा राजजात यात्रा की झलक, पारंपरिक झोड़े, छपेली गीत एवं नृत्य की प्रस्तुतियाँ दी जाएँगी। इस वर्ष विशेष आकर्षण के रूप में देवभूमि उत्तराखण्ड के देवी-देवताओं पर आधारित “देवभूमि गैलरी” का निर्माण किया गया है। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में मुख्य संयोजक टी.एस. मनराल, संयोजक के.एन. चंदोला सहित पर्वतीय महापरिषद की पूरी टीम सक्रिय रूप से जुटी हुई है।
Telescope Today | टेलीस्कोप टुडे Latest News & Information Portal