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मप्र के मुख्यमंत्री 18 जनवरी से स्विट्जरलैंड के दौरे पर, दावोस में करेंगे वैश्विक निवेश संवाद

भोपाल : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 18 जनवरी से स्विट्जरलैंड के दौरे पर रहेंगे। दरअसल, विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक 18 से 23 जनवरी 2026 में स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित की जा रही है। इस प्रतिष्ठित वैश्विक मंच पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्य प्रदेश में निवेश अवसरों की जानकारी देंगे। विश्व आर्थिक मंच 2026 का विषय “ए स्पिरिट ऑफ डायलॉग” और “अनलॉकिंग न्यू सोर्सेस ऑफ ग्रोथ” रखा गया है, जिसके अंतर्गत वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।जनसम्पर्क अधिकारी बबीता मिश्रा ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दावोस यात्रा का उद्देश्य मध्य प्रदेश को एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करना, वैश्विक उद्योग जगत के शीर्ष नेतृत्व के साथ प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करना और राज्य के प्राथमिक क्षेत्रों में निवेश के नए अवसरों को आगे बढ़ाना है। इस दौरान बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ निवेश के आशय प्रस्तावों पर चर्चा, वैश्विक नीति निर्माताओं के साथ संस्थागत संबंधों को मजबूत करने तथा राज्य की ब्रांड छवि को फ्यूचर रेडी स्टेट के रूप में सुदृढ़ करने पर विशेष फोकस रहेगा।उन्होंने बताया कि विश्व आर्थिक मंच में मध्य प्रदेश ऑटोमोटिव एवं न्यू मोबिलिटी, अक्षय ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन, आईटी, ईएसडीएम एवं ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स तथा खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं और नीतिगत सहयोग को प्रस्तुत करेगा। ऑटोमोटिव सेक्टर में ईवी मैन्युफैक्चरिंग, बैटरी स्टोरेज और ऑटो कंपोनेंट्स के लिए उपलब्ध मजबूत इको सिस्टम को रेखांकित किया जाएगा। प्रदेश के पीथमपुर जैसे ऑटो क्लस्टर्स की औद्योगिक उपलब्धियों को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा।जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट और रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर प्रोजेक्ट से राज्य की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता को प्रस्तुत किया जाएगा। साथ ही ग्रीन हाइड्रोजन नीति के अंतर्गत उभरते निवेश अवसरों को भी अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के समक्ष रखा जाएगा। आईटी और ईएसडीएम सेक्टर में इंदौर और भोपाल को उभरते हुए आईटी और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के रूप में प्रस्तुत करते हुए राज्य की आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम नीति 2023 के अंतर्गत उपलब्ध प्रोत्साहनों पर जोर दिया जाएगा। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में मध्यप्रदेश को फूड बॉस्केट ऑफ इण्डिया के रूप में स्थापित करते हुए मेगा फूड पार्कों और कृषि आधारित मूल्य संवर्धन श्रृंखला में निवेश के अवसरों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा।उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव दावोस प्रवास के दौरान फॉर्च्यून 500 कंपनियों के सीईओ और वैश्विक उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन बैठकों में भाग लेंगे। साथ ही ऑटोमोटिव एवं न्यू मोबिलिटी, एनर्जी तथा आईटी, हेल्थकेयर और फूड प्रोसेसिंग पर केंद्रित सेक्टोरल राउंडटेबल मीटिंग में राज्य के मौजूदा निवेशक अपने अनुभव साझा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की सहभागिता विश्व आर्थिक मंच के विभिन्न सत्रों में भी रहेगी, जिनमें श्रम, ऊर्जा सुरक्षा, नवकरणीय ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा जैसे विषय शामिल रहेंगे।