PNB स्टाफ की सतर्कता से साइबर ठगों के जाल में फंसने से बची वृद्ध महिला


डिजिटल अरेस्ट के नाम पर दो करोड़ की मांग, बैंक अधिकारियों ने बचाए 1.10 करोड़ रुपये

    लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। मामा चौराहा स्थित पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) की शाखा में सोमवार को साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया, जहां शाखा प्रबन्धक श्रवण कुमार राठौर और स्टाफ की सूझ-बूझ से एक वृद्ध महिला डिजिटल अरेस्ट की ठगी का शिकार होने से बच गई।

    आरोपियों ने फोन कर महिला के परिवार को मनी लॉन्ड्रिंग में संलिप्त बताकर डराया और घंटों पूछताछ व गिरफ्तारी की धमकी दी। इसके बाद महिला से लगभग दो करोड़ रुपये की मांग करते हुए एक खाता संख्या दी गई, यह कहते हुए कि रकम मिलते ही मामला रफा-दफा कर दिया जाएगा। घबराई महिला अपनी 13 एफडी (करीब 1.10 करोड़ रुपये) लेकर रकम निकालने पीएनबी शाखा पहुंची।

    काउंटर पर तैनात अधिकारी इंद्राणी ने इतनी बड़ी राशि के अचानक ट्रांसफर का कारण पूछा, लेकिन महिला घबराहट में कुछ बताने को तैयार नहीं हुई। सूचना पर शाखा प्रमुख श्रवण कुमार राठौर ने महिला को केबिन में बुलाकर समझाने का प्रयास किया। संदेह होने पर उन्होंने जानबूझकर दी गई खाता संख्या को गलत बताते हुए सही विवरण लाने को कहा। महिला फोन पर बात करने के लिए बाहर गई, जहां उसकी बातचीत सुनकर पूरा मामला स्पष्ट हो गया।

    इसके बाद शाखा प्रबन्धक ने महिला को विस्तार से समझाया और तत्काल उच्चाधिकारियों व पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही मंडल प्रमुख राज कुमार सिंह और मुख्य प्रबन्धक राम बाबू मौके पर पहुंचे। उन्होंने महिला को भरोसा दिलाया और आईसीआईसीआई बैंक व सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में मौजूद उसके अन्य खातों को भी फ्रीज कराने में सहायता की।

    बैंक स्टाफ की सतर्कता से एक बड़ी साइबर ठगी टल गई और ग्राहक की रकम सुरक्षित रही। मंडल प्रमुख राज कुमार सिंह ने शाखा के सभी कर्मचारियों की प्रशंसा करते हुए मंडल की ओर से उन्हें पुरस्कृत किया।