स्टार्टअप के मूल्यांकन की रूपरेखा बनाने की हुई कार्यशाला
लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय में गुरूवार को यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन लिमिटेड डिपार्टमेंट और आईटी एंड इलेक्ट्रानिक्स एवं इनोवेशन हब की ओर से स्टार्टअप मूल्यांकन रूपरेखा कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न स्तरों पर स्टार्टअप के मूल्यांकन की रूपेरखा तय करने पर मंथन हुआ। जिससे कि रिफाइन होकर स्टार्टअप आगे आ सके। ताकि उनके सफल होने के ज्यादा संभावनाएं रहेंगी।
कार्यशाला में विशेष सचिव यूपीएलसी राहुल सिंह ने कहा कि प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति विकसित करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। स्टार्टअप इस दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी स्टार्टअप की आत्मा इनोवेशन होता है। इनोवेशन के जरिये स्टार्टअप को सफल बनाया जा सकता है। स्टार्टअप के मूल्यांकन की रूपरेखा तय किया जाना बेहद महत्वपूर्ण है। यूपीडेस्को की एमडी नेहा जैन ने वेस्ट मैनेजमेंट में स्टार्टअप्स को कार्य करने का सुझाव दिया।
डीन इनोवेशन एंड सोशल एंटरप्रेन्योरशिप प्रो. बीएन मिश्रा ने कहा कि वर्तमान में पूरी दुनिया स्टार्टअप इको सिस्टम के जरिये प्रगतिशील बनने की दिशा में अग्रसर है। भारत ने भी अब इस बारे में तेजी से कदम बढ़ाये हैं। हमारा प्रदेश स्टार्टअप इको सिस्टम को लेकर लगातार प्रयास और प्रतिबद्धता दिखा रहा है। स्टार्टअप को सहयोग देने के साथ ही फंड से लेकर अन्य तरह की सुविधाएं दी जा रही है। कुलपति प्रोफेसर जेपी पांडे के निर्देशन में विश्वविद्यालय की ओर से स्टार्टअप को लेकर किये जा रहे प्रयास पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप के मूल्यांकन की रूपरेखा पूरे देश में एक समान होनी चाहिए।
वेंचर फंड के कैलाशनाथ और सार्थक विश्वास ने स्टार्टअप मूल्यांकन की रूपरेखा पर विस्तार से प्रकाश डाला एवं अपने उत्पादों में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग करने वाली दो कंपनियों की केस स्टडी पर चर्चा की।
इस मौके पर यूपीएलसी के जॉइन्ट मैनेजर विष्णु मोहन, इनोवेशन हब के हेड महीप सिंह, मैनेजर वंदना शर्मा सहित स्टार्टअप, इन्क्युबेशन मैनेजर्स मौजूद रहे।
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