– विश्वविद्यालय की ओर से संस्थानों को नैक एक्रिडेशन कराने के लिए ऑनलाइन कार्यशाला का किया जा रहा है आयोजन
– पहले दिन लखनऊ जोन के संस्थान हुए शामिल
लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय अपने संस्थानों को भी विश्वस्तरीय बनाने का प्रयास कर रहा है। इस दिशा में सभी संस्थान नैक एक्रिडेट कराना लक्ष्य है। नैक एक्रिडेशन के मार्गदशन के लिए विश्वविद्यालय की ओर से 13, 14 और 15 मई को लखनऊ, नोएडा और वाराणसी जोन के संस्थानों के साथ ऑनलाइन वर्कशॉप का आयोजन किया जा रहा है।
इस क्रम में सोमवार को कुलपति प्रो. जेपी पांडेय की अध्यक्षता में लखनऊ जोन के संबद्ध संस्थानों के साथ ऑनलाइन वर्कशॉप हुई। कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य है कि 2026 तक सभी संबद्ध संस्थान नैक एक्रिडेट हों। इसके लिए अभी से सभी को योजनाबद्ध तरीके से काम करने की जरूरत है। इस प्रयास में विश्वविद्यालय सभी संस्थानों की मदद करेगा। यदि किसी को कोई समस्या आ रही है तो उसका भी समाधान होगा। हम सभी संस्थानों को नैक ग्रेडिंग दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
बतौर विशेषज्ञ एमएमएमयूटी गोरखपुर के प्रो. वीएल गोले ने सातो क्राइटेरिया के बारे में विस्तार से बताया। कहा कि नैक में अच्छी ग्रेडिंग के लिए हर क्राइटेरिया महत्वपूर्ण है। साथ ही एसएसआर यानि सेल्फ स्टडी रिपोर्ट पर भी गंभीरता से कार्य करने की जरूरत होती है। उन्होंने बताया कि संस्थान की उपलब्धियों, गतिविधियों, कार्यक्रमों, योजनाओं सहित छात्र से जुड़े विषयों को प्रमुखता से भरें। डीवीवी यानि डाटा वैलिडिटेशन एंड वेरिफिकेशन प्रॉसेस, एसएसएस, स्टूडेंट सटिस्फैक्शन सर्वे आदि पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डॉक्यूमेंट को बहुत ही सावधानी से अटैच करना होता है। इसके कौन सा डॉक्यूमेंट अटैच करना है और कौन सा नहीं यह पता होना चाहिए। धन्यवाद कुलसचिव रीना सिंह ने दिया। इस दौरान लखनऊ जोन के करीब 80 संस्थान जुड़े थे।
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