लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। गोमती तट पर नौ से 22 नवंबर तक 14 दिवसीय उत्तराखंड महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक जीवन, संगीत, नृत्य और पारंपरिक खान-पान को समर्पित इस महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों की कला और संस्कृति के रंग भी देखने को मिलेंगे।
महोत्सव की शुरुआत नौ नवंबर को उत्तराखंड स्थापना दिवस के 26 वर्षों की विकास यात्रा पर आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता से होगी, जबकि 10 नवंबर को मातृशक्ति के बीच लाइव खान-पान प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। महोत्सव का पारंपरिक उद्घाटन 11 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। वहीं, 17 नवंबर को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
शनिवार को आयोजित प्रेस वार्ता में उत्तराखंड महापरिषद के अध्यक्ष हरीश चंद्र पंत ने बताया कि महोत्सव के माध्यम से उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रतिदिन उत्तराखंड से आने वाला छोलिया दल अपने रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों और विशेष वाद्य यंत्रों की प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोहेगा। उन्होंने बताया कि महापरिषद की ओर से प्रतिवर्ष समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाली विभूतियों को उत्तराखंड गौरव सम्मान प्रदान किया जाता है। इस वर्ष लोकगायिका वीणा तिवारी और वैज्ञानिक डॉ. वीपी डिमरी को इस सम्मान से नवाजा जाएगा। इसके साथ ही महोत्सव में ‘उत्तराखंड दर्पण 2026’ स्मारिका के विकसित भारत, श्रेष्ठ भारत विशेषांक का विमोचन भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे।
महापरिषद के महासचिव भरत सिंह बिष्ट ने बताया कि संस्था पिछले 78 वर्षों से उत्तराखंड की संस्कृति, कला और परंपराओं के संरक्षण, संवर्धन एवं विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ ही उभरते कलाकारों को मंच देने के उद्देश्य से विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है।
महोत्सव संयोजक दीवान सिंह अधिकारी ने बताया कि इस बार महोत्सव में करीब 150 स्टॉल लगाए जाएंगे। इनमें देश के विभिन्न राज्यों के हस्तशिल्पियों द्वारा निर्मित उत्पादों, स्वयं सहायता समूहों के जैविक उत्पादों, हर्बल जूस, उत्तराखंड की मिठाइयों, नैनीताल की नमकीन, कश्मीरी शॉल, कालीन और पारंपरिक खान-पान के स्टॉल शामिल होंगे। सभी स्टॉल बुक हो चुके हैं। प्रदर्शनी प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक आम लोगों के लिए खुली रहेगी।
मीडिया प्रभारी राजेंद्र सिंह कनवाल ने बताया कि लखनऊ के मध्य में आयोजित होने वाला यह महोत्सव अपनी विविधतापूर्ण सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और विभिन्न राज्यों के उत्पादों के कारण विशेष पहचान रखता है। शहरवासी पूरे वर्ष इस आयोजन का इंतजार करते हैं। महोत्सव में साफ-सफाई और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
लोकनृत्य और संगीत होंगे मुख्य आकर्षण
महोत्सव में ‘डांस उत्तराखंड डांस’ के तहत प्रतिभाशाली कलाकार गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी लोकगीतों पर रंगारंग प्रस्तुतियां देंगे। वहीं, 500 से अधिक मातृशक्ति की भागीदारी वाली झोड़ा प्रतियोगिता में उत्तराखंड की पारंपरिक लोककला और सामूहिक नृत्य की छटा देखने को मिलेगी। ‘नाचेगा भारत’ कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों के लोकनृत्य, संगीत और संस्कृति की झलक प्रस्तुत की जाएगी।
इसके अलावा ‘वॉयस ऑफ उत्तराखंड’ में उत्तराखंड के पारंपरिक लोकगीतों की लाइव प्रस्तुतियां होंगी। पारंपरिक होली प्रतियोगिता, कवि सम्मेलन और अन्य सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। उत्तराखंड के प्रसिद्ध कलाकारों के साथ स्टार नाइट कार्यक्रम भी महोत्सव का विशेष आकर्षण होगा। सांस्कृतिक संध्याओं को आकर्षक बनाने में महेंद्र सिंह गैलाकोटी और पूरन सिंह जीना की सांस्कृतिक टीम विशेष भूमिका निभा रही है। समारोह की अध्यक्षता प्रोफेसर डॉ. रीता बहुगुणा जोशी करेंगी। महोत्सव के विभिन्न दिनों में केंद्र और राज्य सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य गणमान्य अतिथि भी शामिल होंगे।
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