लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। जीवन में सफलता के लिए लक्ष्य के प्रति स्पष्टता, ईमानदारी और निरंतर प्रयास बेहद जरूरी हैं। व्यक्ति जैसा अपने बारे में सोचता है और जिस लक्ष्य को हासिल करने के लिए ईमानदारी से मेहनत करता है, वह धीरे-धीरे उसी दिशा में आगे बढ़ता है। विद्यार्थियों को अपने सपनों को लेकर कभी भ्रम या असमंजस में नहीं रहना चाहिए। जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के 31वें स्थापना दिवस समारोह में उक्त बातें बतौर मुख्य अतिथि मौजूद नगर आयुक्त गौरव कुमार ने विद्यार्थियों से कहीं।
“अ लेगेसी दैट कीप्स लीडिंग फॉरवर्ड’’ विषय संग जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, लखनऊ ने अपने 31वें स्थापना दिवस का जश्न मनाया। इस कार्यक्रम में छात्र, फैकल्टी, पूर्व छात्र और संस्थान से जुड़े अन्य सदस्य शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई, जिसके बाद संस्थान की यात्रा को दर्शाती एक प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम के दौरान एक ‘ग्रीन सर्टिफिकेट’ भी पेश किया गया।
लखनऊ नगर निगम के नगर आयुक्त गौरव कुमार ने कहा, “मैनेजमेंट प्रोफेशनल्स के फैसले ही मैनेजमेन्ट की शिक्षा को प्रासंगिक बनाते हैं, ये वही प्रोफेशनल्स हैं जो टीमों का नेतृत्व करते हैं और अपने समुदायों की सेवा करते हैं। लखनऊ के विकास के बीच शहर को ऐसे प्रोफेशनल्स की ज़रूरत है जो मैनेजमेंट के साथ-साथ अपने आस-पास के लोगों और संस्थानों की वास्तविकता को भी समझें। अपने ज्ञान के द्वारा शहर की ज़रूरतों को समझने की उनकी क्षमता लखनऊ को प्रगति के पथ पर अग्रसर कर सकती है। जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट छात्रों में यही दृष्टिकोण विकसित करता है, उन्हें प्रोफेशनल जीवन के लिए ज़रूरी समझ और ज़िम्मेदारी की भावना देता है।’’

नगर आयुक्त ने विद्यार्थियों को समय और अभिभावकों द्वारा शिक्षा पर किए जा रहे खर्च का सम्मान करने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थी अपने समय और माता-पिता के पैसे की कद्र करते हुए जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ेंगे, तो उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव निश्चित रूप से आएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि सफलता की कोई अंतिम मंजिल नहीं होती। सिविल सेवा परीक्षा पास कर लेना भी यात्रा का अंत नहीं है। उन्होंने अपने कार्य अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि जिम्मेदारी मिलने के बाद भी लगातार मेहनत करनी पड़ती है। काम से मिलने वाला वास्तविक संतोष तभी आता है, जब व्यक्ति यह महसूस करे कि उसने उस दिन अपना काम पूरी ईमानदारी से किया है।उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने लक्ष्य के प्रति स्पष्ट रहें, समय का सम्मान करें, मेहनत से पीछे न हटें और अपने जीवन को केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रखते हुए समाज के लिए भी उपयोगी बनाएं
जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, लखनऊ की डायरेक्टर डॉ. सुषमा विश्नानी ने कहा, “स्थापना दिवस हमें अपने छात्रों और उन्हें दी जाने वाली शिक्षा के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी को करीब से देखने का मौका देता है। जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट, लखनऊ में हम लर्निंग, रिसर्च और इंडस्ट्री के साथ जुड़ाव को मज़बूत कर रहे हैं और साथ ही छात्रों को उनके ज्ञान के सदुपयोग के अवसर भी देते हैं। हम उन्हें परिस्थितियों के अनुसार समझदारी के साथ ठोस फैसले लेने का आत्मविश्वास देना चाहते हैं।’’

इस मौके पर जयपुरिया कम्युनिटी के सदस्यों को उनके एकेडमिक परफोर्मेन्स और उपलब्धियों के लिए एकेडमिक एक्सीलेंस अवार्ड्स, एलुमनाई अचीवमेंट अवार्ड्स और लॉयल्टी अवार्ड्स से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुति भी शामिल थी। जिसके बाद डीन एकेडमिक्स डॉ. हेमेंद्र गुप्ता ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
जयपुरिया लखनऊ की एकेडमिक गतिविधियों में ऐसी साझेदारियां और पहलू शामिल हैं जो मैनेजमेंट की शिक्षा को कैंपस के बाहर के संस्थानों और प्रोफेशनल माहौल से जोड़ती हैं। भारत सरकार के रेल मंत्रालय के तहत आने वाले इंडियन रेलवेज़ इंस्टीट्यूट ऑफ़ ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट के साथ हुआ एमओयू एकेडमिक सहयोग, रिसर्च, ट्रेनिंग और क्षमता निर्माण को कवर करता है। इसी तरह इंस्टीट्यूट का सेंटर फ़ॉर टीचिंग एंड लर्निंग, ईयू के वित्तपोषण से चल रहे इरेस्मस प्लस ऐडएड्यु प्रोजेक्ट का भाग है। यह प्रोजेक्ट यूरोप, भारत और नेपाल के उच्च शिक्षा संस्थानों को एक साथ लाकर सभी के लिए सुलभ, समावेशी और डिजिटलीकृत मैनेजमेंट शिक्षा को बढ़ावा देता है।
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