भा रहे है हथकरघा व ODOP उत्पाद, हस्तशिल्पियों की हो रही सराहना
लखनऊ (शम्भू शरण वर्मा/टेलीस्कोप टुडे)। चंदेरी, महेश्वरी प्रिंट की साड़ियां हो, हथकरघा वस्तुएं हो या रंग-बिरंगे मोतियों की डिजाइनर माला, झुमके, अंगूठी, ब्रेसलेट, कंगन और ऐसे ही ढेरों आकर्षक आभूषण। सरस्वती विद्या मंदिर निरालानगर में स्थित माधव सभागार में चल रही मध्य प्रदेश मृगनयनी प्रदर्शनी हस्तशिल्प एवं हथकरघा मेला में कोई अपनी साड़ी और सूट से मैचिंग नेकलेस की तलाश करता हुआ दिख रहा है तो कोई एंटीक डिजाइन वाले अन्य ट्रिबल बीड ज्वैलरी पसंद करने में तल्लीन। प्रदर्शनी में भीड़ उमड़ रही है और लोग खासकर महिलाये जमकर खरीदारी भी कर रही है।

41 बुनकरों एवं हस्त शिल्पियों से सजी इस प्रदर्शनी में चंदेरी, बाघ एवं महेश्वरी के बुनकर अपनी हुनर को पेश कर रहे हैं। जिनके द्वारा स्वयं के हाथों से गढ़कर साड़ी एवं सूट्स की विभिन्न वैरायटी हैं। वहीं हथकरघा की वस्तुओं की लखनऊवासी बहुत सराहना कर रहे हैं।

बात चाहे मूर्तिकला, हस्तकला, चित्रकारी सहित अन्य कला की हो, आज भी कई कारीगर ऐसे हैं जो अपने पुरखों के काम को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं और उसे अपनी आजीविका का साधन बना रहे हैं। ऐसे ही कलाकार देशभर में अलग-अलग काम कर पुरानी विधाओं को आज भी जीवंत किए हुए हैं। प्रदर्शनी में मृगनयनी के ऐसे ही कलाकारों का जमावड़ा लगा है और वह अपनी कला का प्रदर्शन भी कर रहे हैं।

इस प्रदर्शनी में 16 कलाकार चंदेरी और 4 कलाकार बाघ प्रिंट के साथ पहुंचे हैं। जिसमें चंदेरी जिले से आए आशा राम अहिरवार, लाला राम अहिरवार, मनीष अहिरवार के अलावा मो. अनस, मो. अशद और मो. रजा चंदेरी प्रिंट की साड़ियां और सूट लेकर आए हैं। वहीं खंडवा के तेज बहादुर सिंह छपाई प्रिंट हैंडलूम साड़ियां और सूट लेकर आए हैं।


पंचधातु की मूर्तियां, ज्वेलरी, जरी के पर्स, बटुए लोगों को भा रहे हैं। वहीं लकड़ी के खिलौने, जबलपुर भेड़ाघाट का पत्थर और कृष्ण कुमार शुक्ला की तुलसी की माला भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। पप्पू सोनी टीकमगढ़ की पंच धातु बेल मेटल की मूर्तियाँ लेकर आए आए हैं।

जबकि राष्ट्रपति पदक विजेता धार जिले के युसूफ खत्री की टीम के सदस्य अतीक ODOP में शामिल बाघ प्रिंट की आकर्षक साड़ियां और सूट लेकर आए हैं। जिसमें वह महेश्वरी सिल्क डिजाइनर सूट और मोडाल बाघ प्रिंट पहली बार लेकर आए हैं।

संत रविदास मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम लिमिटेड मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रदेश के सिद्धहस्त कलाकारों को बाजार उपलब्ध कराने और उनके उत्पाद कलाप्रेमियों तक पहुंचाने हेतु प्रदर्शनी का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में माधव सभागार में 3 अप्रैल तक मृगनयनी प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रदर्शनी में हथकरघा के साथ ही एक जनपद एक उत्पाद को बढ़ावा मिल रहा है और महिला शिल्पकार भी अपनी सामग्री लेकर आई हैं।

प्रभारी अरविंद शर्मा ने बताया कि इस प्रदर्शनी का उद्देश्य मध्यप्रदेश शासन की मंशानुरूप कला, संस्कृति को बढ़ावा देने, पारंपरिक कलाओं का संवर्धन और कला के कद्रदानों तक हस्तशिल्प की कलाकृतियों को ले जाना है। इसमें प्रवेश नि:शुल्क है।

मेला संयोजक एमएल शर्मा ने बताया कि मृगनयनी प्रदर्शनी के माध्यम से हस्त शिल्पकारों एवं बुनकरों को अच्छा बाजार और गुणवत्तापूर्ण सामग्री की उचित कीमत दिलाने की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है। प्रदेश के कारीगरों की लगन और मेहनत से बनाई कलात्मक सामग्री का विक्रय भी किया जाता है। घंटों और महीनों मेहनत कर आपके लिए नायाब चीजें गढ़ने वाले हस्तशिल्पियों और बुनकरों की कला देखना चाहते हैं तो जल्दी कीजिए। इसके लिए आपके पास सिर्फ 3 अप्रैल तक का ही वक्त है।

हस्तशिल्पियों की कारीगरी को जमकर सराहा
प्रदर्शनी में भीड़ उमड़ रही है और लोग खरीददारी के साथ ही वहां प्रदर्शित शिल्पकारों की कारीगरी की जमकर प्रशंसा भी कर रहे हैं। प्रदर्शनी में पहुंचे डा. एसके गोपाल और जीतेश श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसी प्रदर्शनियों से प्राचीन शिल्पकला से रूबरू होने का मौका मिलता है। वहीं एक ही स्थान पर सुगमता से अपनी पसंद की वस्तुएं मिल जाती हैं।
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