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यूपी बना निवेश का नया ‘पावरहाउस’ : ग्लोबल बिजनेस समिट में दिखी उत्तर प्रदेश की धमक

नई दिल्ली (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। नई दिल्ली में आयोजित ‘ग्लोबल बिजनेस समिट 2026’ में उत्तर प्रदेश एक प्रमुख आकर्षण बनकर उभरा। राज्य की नोडल एजेंसी ‘इन्वेस्ट यूपी’ ने इस प्रतिष्ठित मंच पर देश-विदेश के निवेशकों के समक्ष प्रदेश के प्रगतिशील औद्योगिक इकोसिस्टम, नीतिगत सुधारों और सुदृढ़ बुनियादी ढांचे को सशक्त ढंग से प्रस्तुत किया।

​ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी की ओर बढ़ते कदम

समिट को संबोधित करते हुए प्रदेश के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (IIDC) दीपक कुमार ने कहा, “बेहतर कनेक्टिविटी, विशाल उपभोक्ता आधार और सुदृढ़ कानून-व्यवस्था के तीन स्तंभों के दम पर उत्तर प्रदेश, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘ट्रिलियन-डॉलर अर्थव्यवस्था’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेज़ी से बढ़ रहा है।” उन्होंने रेखांकित किया कि उत्तर प्रदेश की 16 प्रतिशत की विकास दर वर्तमान में राष्ट्रीय औसत से काफी आगे है।

​एक्सप्रेसवे और एविएशन का पावरहाउस

श्री कुमार ने जोर देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के पास निवेश के लिए ‘इंटेंट (मंशा) और कंटेंट (संसाधन)’ दोनों उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का 55 प्रतिशत हिस्सा अकेले उत्तर प्रदेश में है।राज्य 16 घरेलू और 5 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के साथ देश का अग्रणी एविएशन हब है। जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में से एक होगा। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का 30 प्रतिशत हिस्सा यूपी से गुजरता है, जो व्यापार को नई गति दे रहा है।

​डिफेंस कॉरिडोर और मैन्युफैक्चरिंग हब

आईआईडीसी ने यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की प्रगति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसके छह नोड्स पर अत्याधुनिक हथियारों का निर्माण युद्ध स्तर पर जारी है। वर्तमान में भारत के 65 प्रतिशत मोबाइल फोन और 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स का उत्पादन उत्तर प्रदेश में हो रहा है। इसके साथ ही आईटी, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और डेयरी क्षेत्रों में भी अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। राज्य के पास निवेशकों के लिए 75,000 एकड़ का लैंड बैंक तैयार है।

समिट के दौरान ‘इन्वेस्ट यूपी’ पवेलियन में निवेशकों ने निवेश सम्बन्धी जानकारी ली और पूरे दिन आगंतुकों की आवाजाही रही। प्रेरणा शर्मा (अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, इन्वेस्ट यूपी) ने कई उच्च स्तरीय बैठकों का नेतृत्व किया। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स, ईवी (EV), जीसीसी (GCC) और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में नई साझेदारियों पर चर्चा की और निवेशकों को ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के तहत मिलने वाली सुविधाओं से अवगत कराया।