नई दिल्ली : केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने यहां सोमवार को नमामि गंगे कार्यक्रम की 17वीं एम्पावर्ड टास्क फोर्स (ईटीएफ) बैठक में 5 बड़े प्रदूषण नियंत्रण प्रोजेक्ट पूरे होने पर खुशी जताई। बैठक में गंगा की सफाई को तेज करने के लिए टेक्नोलॉजी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया।जलशक्ति मंत्रालय के अनुसार डेटा-आधारित निर्णय, ड्रेनेज मैपिंग, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स की स्मार्ट निगरानी और प्रदूषण नियंत्रण परियोजनाओं की प्रगति को प्रमुख उपलब्धियों के रूप में रेखांकित किया गया। बैठक में एकीकृत ड्रेन मॉनिटरिंग डैशबोर्ड और सीसीटीवी-आधारित स्मार्ट एसटीपी निगरानी तंत्र गंगा कायाकल्प के लिए टिकाऊ और सशक्त प्रबंधन ढांचा तैयार करने में निर्णायक भूमिका निभाने पर भी जोर दिया गया।मंत्री पाटिल ने चालू वर्ष में पूरी हुई 15 प्रदूषण नियंत्रण परियोजनाओं को गंगा पुनर्जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उत्तर प्रदेश ने छह परियोजनाओं के साथ सबसे आगे रहते हुए पहला स्थान हासिल किया, जबकि बिहार और पश्चिम बंगाल ने क्रमशः चार और तीन परियोजनाएं पूरी कीं। उत्तराखंड और दिल्ली ने एक-एक परियोजना पूरी की।बैठक में ट्रीटेड वेस्टवॉटर के दोबारा इस्तेमाल, एक्विफर मैपिंग, पैलियो-चैनल अध्ययन, बायोरेमेडिएशन और इनोवेटिव सीवरेज ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट्स जैसे रिसर्च-आधारित समाधानों पर भी जोर दिया गया। पाटिल ने राज्यों को निर्देश दिया कि वे राष्ट्रीय ढांचे के अनुरूप ट्रीटेड पानी के सुरक्षित पुनः उपयोग की नीति को शीघ्रता से अधिसूचित करें।उत्तर प्रदेश में गंगा नदी के ड्रेनेज सिस्टम की ड्रेनेज मैपिंग और भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) आधारित विज़ुअलाइजेशन डैशबोर्ड के लिए किए गए एरियल सर्वे की समीक्षा भी बैठक में हुई।बैठक में पाटिल ने कहा कि हाई-रिजॉल्यूशन एरियल सर्वे पूरे हो चुके हैं और इन्हें 2डी व 3डी विज़ुअलाइजेशन क्षमताओं वाले लाइव जीआईएस डैशबोर्ड में इंटीग्रेट किया जा रहा है। यह डैशबोर्ड प्रदूषण हॉटस्पॉट की पहचान और सुधारात्मक उपायों की प्राथमिकता तय करने में मदद करेगा।सशक्त टास्क फोर्स ने स्वच्छ गंगा मिशन के वार्षिक खातों को मंजूरी दी और वित्तीय अनुशासन पर संतोष व्यक्त किया। एसटीपी की निगरानी को और मजबूत करने के लिए सीसीटीवी-आधारित रियल-टाइम मॉनिटरिंग और एआई-इनेबल्ड फीचर एक्सट्रैक्शन सिस्टम को एकीकृत करने की योजना पर भी चर्चा हुई।बैठक में जल शक्ति राज्यमंत्री राज भूषण चौधरी, जल संसाधन विभाग के सचिव वीएल कंता राव, पेयजल और स्वच्छता विभाग के सचिव अशोक केके मीणा और स्वच्छ गंगा राष्ट्रीय मिशन के महानिदेशक राजीव कुमार मित्तल मौजूद थे। इसके अलावा एनएमसीजी के उप महानिदेशक नलिन श्रीवास्तव, परियोजना निदेशक बृजेंद्र स्वरूप, तकनीकी निदेशक अनूप कुमार श्रीवास्तव समेत कई प्रमुख अधिकारियों ने भाग लिया।
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