लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। सीएसआईआर-केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीडीआरआई) ट्रस्ट फॉर एजुकेशन एंड ट्रेनिंग इन साइटोमेट्री (टीईटीसी) इंडिया, के सहयोग से बायोलॉजिकल और बायोमेडिकल विज्ञान में करियर विकास पर 6 फरवरी को एक संगोष्ठी आयोजित करेगा। इसके साथ ही इंडो-यूएस फ्लो साइटोमेट्री की सिल्वर जुबली पर 7 और 8 फरवरी को “फ्लो साइटोमेट्री एवं जैविक विज्ञान में इसके उन्नत अनुप्रयोग पर 25वीं वर्कशॉप” का आयोजन किया जाएगा।
यह आयोजन बायोलॉजिकल एवं बायोमेडिकल विज्ञान के क्षेत्र में कैरियर के विविध विकल्प तलाशने संबंधी जानकारी प्रदान करने के साथ साथ अनुसंधान छात्रों, प्रौद्योगिकीविदों, पोस्टडॉक्टरल विद्वानों, वैज्ञानिक अधिकारियों, शिक्षकों एवं गैर-शैक्षणिक क्षेत्रों के पेशेवरों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।
संगोष्ठी में करियर विकास के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया जाएगा, जिसमें उद्यमिता विकास, कंपनी, एनजीओ एवं स्टार्टअप की स्तहपन, फंडिंग/ग्रांट के अवसर, कॉर्पोरेट्स एवं सरकारी संगठनों के अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) में वैज्ञानिक पदों के अवसर, फ्लो साइटोमेट्री में करियर और पोस्टडॉक्टरल रिसर्च के अवसर पर विशेष व्याख्यान और पैनल चर्चाएं शामिल होंगी।

संगोष्ठी को सफल एवं उपयोगी बनाने हेतु विविध पृष्ठभूमियों के प्रतिष्ठित वक्ता अपनी विशेषज्ञता साझा करेंगे। इन उल्लेखनीय हस्तियों में डॉ. संजीव कुमार वार्ष्णेय (सलाहकार एवं प्रमुख, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग डीएसटी, भारत सरकार, नई दिल्ली), डॉ. अरविंदर सिंह (निदेशक, ह्यूमन डायग्नोस्टिक्स, गुड़गांव), फ्लो साइटोमेट्री सॉल्यूशंस, जयपुर के निदेशक डॉ. हेमंत अग्रवाल, सीएसआईआर-सीडीआरआई, लखनऊ के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. समन हबीब एवं डॉ. नैबेद्य चट्टोपाध्याय, सिनजीन इंटरनेशनल, बैंगलोर के प्रमुख अन्वेषक डॉ. माइकल डी’सिल्वा, एनेरविया पुणे के मुख्य नवाचार और संचालन अधिकारी आयुष मिश्रा एवं डॉ. रेखा गौड़, टीईटीसी इंडिया की सह-संस्थापक शामिल रहेगे।
संगोष्ठी की शाम को, एक पैनल चर्चा प्रतिभागियों को वक्ताओं के साथ बातचीत करने, उनके कैरियर की यात्रा के लिए मूल्यवान अंतर्दृष्टि और सलाह प्राप्त करने का अवसर प्रदान करेगी। आयोजन का एक अन्य आकर्षण टीईटीसी बेस्ट पब्लिश्ड पेपर अवार्ड 2024 के माध्यम से अनुसंधान में उत्कृष्टता को सम्मानित करना भी रहेगी।
7 फरवरी को सिल्वर जुबली 25वीं इंडो-यूएस फ्लो साइटोमेट्री कार्यशाला शुरू की जाएगी, जिसमें प्रतिभागी फ्लो साइटोमेट्री के अपने कौशल को निखारेंगे। इस प्रकार की कार्यशालाएँ वर्ष 2002 में शुरू की गईं और तब से टीईटीसी द्वारा पूरे भारत में अग्रणी अनुसंधान संस्थानों, अस्पतालों, विश्वविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संगठनों के सहयोग से साइटोमेट्री समुदाय के निर्माण के मिशन को सफलतापूर्वक जारी रखा गया है।
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