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एएमसी सेंटर और कॉलेज की कमान संभालने वाली पहली महिला अधिकारी बनी लेफ्टिनेंट जनरल कविता सहाय

कविता सहाय ने संभाला कमांडेंट आर्मी मेडिकल कोर सेंटर एंड कॉलेज में पदभार

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। लेफ्टिनेंट जनरल कविता सहाय (सेना मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल) ने 01 फरवरी को कमांडेंट आर्मी मेडिकल कोर सेंटर एवं कॉलेज, ऑफिसर-इन-चार्ज एएमसी रिकॉर्ड्स तथा कर्नल कमांडेंट एएमसी की पदभार संभाली। लेफ्टिनेंट जनरल कविता सहाय 74 साल पहले स्थापित किए गए एएमसी सेंटर और कॉलेज की कमान संभालने वाली पहली महिला जनरल ऑफिसर हैं। 

वर्तमान नियुक्ति से पहले, लेफ्टिनेंट जनरल कविता सहाय महानिदेशक सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (डीजीएएफएमएस), नई दिल्ली के कार्यालय में अपर डीजीएएफएमएस (एचआर) थीं।

भारत सरकार द्वारा प्रतिपादित ‘नारी शक्ति’ का भारतीय सेना द्वारा अक्षरश: पालन किया गया है, जो शेष राष्ट्र के अनुसरण के लिए एक मार्ग तैयार करने में अनुकरणीय है, और लेफ्टिनेंट जनरल कविता सहाय अपनी व्यावसायिकता और समर्पण के साथ भारत की सेवा के लिए इस मार्ग का नेतृत्व कर रही हैं।

सशस्त्र बल मेडिकल कॉलेज (एएफएमसी), पुणे की पूर्व छात्रा रही लेफ्टिनेंट जनरल कविता सहाय को 30 दिसंबर 1986 को आर्मी मेडिकल कोर (एएमसी) में कमीशन किया गया था। उन्होंने क्रमशः एएफएमसी पुणे से 1994 में एमडी (पैथोलॉजी) और 1997 में डीएनबी (पैथोलॉजी) किया था। जनरल ऑफिसर ने 2000-2002 तक एम्स, नई दिल्ली में ऑन्कोपैथोलॉजी में 2 साल की फेलोशिप और यूके के फैमर कील यूनिवर्सिटी से वर्ष 2020-22 में हेल्थ प्रोफेशनल एजुकेशन में डिप्लोमा भी किया।

अपनी 37 वर्षों की सेवा के दौरान, लेफ्टिनेंट जनरल कविता सहाय ने विभिन्न महत्वपूर्ण प्रशासनिक और स्टाफ नियुक्तियों पर काम किया है, जैसे – बेस अस्पताल, दिल्ली कैंट में लैब मेडिसिन विभाग के एचओडी और प्रोफेसर, एएफएमसी में पैथोलॉजी विभाग के प्रोफेसर, आर्मी हॉस्पिटल (आर एंड आर) नई दिल्ली में लैब मेडिसिन विभाग के एचओडी और प्रोफेसर। उन्होंने सेना अस्पताल (आर एंड आर) नई दिल्ली में सलाहकार (पैथोलॉजी), उत्तरी कमान के कमान अस्पताल में डिप्टी कमांडेंट और वरिष्ठ कार्यकारी चिकित्सा अधिकारी (एसईएमओ) और महानिदेशक सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (डीजीएएफएमएस), नई दिल्ली के कार्यालय में अपर डीजीएएफएमएस (एचआर) जैसी कई स्टाफ नियुक्तियों पर भी काम किया है। 

लेफ्टिनेंट जनरल कविता सहाय राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशित 100 से अधिक शोध पत्रों की लेखिका रही हैं। उनकी उत्कृष्ट और मेधावी सेवा, निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के प्रति मेहनती गुणों और विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्टता के साथ प्रदर्शन करने की क्षमता के लिए, उन्हें 26 जनवरी 2024 को ‘नारी शक्ति’ वर्ष के रूप में मनाए जाने पर 2024 में ‘सेना मेडल’ से सम्मानित किया गया। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2018 में उन्हें ‘विशिष्ट सेवा मेडल’ से अलंकृत किया गया। वर्ष 2008 और 2012 में उन्हें ‘सीओएएस प्रशस्ति’ से भी सम्मानित किया जा चुका है। जनरल ऑफिसर का विवाह मेजर जनरल राजेश सहाय, एवीएसएम, एसएम (सेवानिवृत्त) से हुआ है।