लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। कॅरियर एवं कोचिंग सिटी कोटा लगातार सामाजिक बदलाव की कहानियां लिख रहा है। गांव-कस्बों की ऐसी प्रतिभाएं जो श्रेष्ठ मार्गदर्शन के अभाव में सपने पूरे नहीं कर पाती थीं। कोटा उन्हें उनकी मंजिल तक पहुंचा रहा है। ऐसा ही एक और उदाहरण सामने आया है जौनपुर के प्रभात का।
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो इस सफलता पर परिवार की खुशियां बयां कर रहा है। बेटे की सफलता की खबर मिलते ही पिता महेंद्र कुमार यादव भावुक हो गए। वहीं, प्रभात के दादा इन्द्र बहादुर यादव भी पोते की सफलता से बेहद खुश हैं। एक वायरल वीडियो में वे पोते की उपलब्धि की खुशी में नाचते हुए नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि प्रभात ने अपने पिता की मेहनत और त्याग को अपनी सफलता से सम्मान दिया है।
उत्तरप्रदेश के जौनपुर जिले में मछली तहसील के देवकीपुर गांव निवासी प्रभात कुमार यादव ने नीट यूजी 2026 में ऑल इंडिया रैंक 3864 हासिल कर किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ कैम्पस में एडमिशन लिया है। प्रभात ने कोटा में एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट में नीट की तैयारी के लिए कोचिंग की। इससे पूर्व प्रभात ने कक्षा 10वीं में 89.44 प्रतिशत और कक्षा 12वीं में 83.44 प्रतिशत अंक हासिल किए। पिता मुंबई में पिछले 20 वर्षों से ऑटो रिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। प्रभात के पिता महेंद्र कुमार यादव ने सीमित संसाधनों के बावजूद बेटे के डॉक्टर बनने के सपने को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
एलन कोटा के क्लासरूम स्टूडेंट प्रभात की इस सफलता से देवकीपुर गांव के साथ-साथ आसपास के करीब चार गांवों में भी खुशी का माहौल है। प्रभात और उसके दादा इन्द्र बहादुर यादव, मां बंशराजी एवं भाई-बहिनों सहित पूरा परिवार गांव में रहता है। जबकि प्रभात के पिता महेंद्र कुमार यादव पिछले करीब 20 वर्षों से अपने परिवार से दूर रहकर मुंबई में ऑटो रिक्शा चलाते हैं। वे मुंबई में एक छोटी सी चॉल में रहकर मेहनत करते हुए परिवार की जिम्मेदारियां निभाते रहे।

इस उपलब्धि पर प्रभात का कहना है कि परिजनों का मेहनत और एलन कोटा का मार्गदर्शन इस सफलता में बहुत मददगार रहे। एक अच्छा डाक्टर बनकर गांव व समाज की सेवा करना चाहता हूं।
एलन के फाउंडर डा. नवीन माहेश्वरी ने कहा कि कोटा बच्चों के सपने पूरे कर रहा है। उनकी प्रतिभा को सम्मान देते हुए आगे बढ़ा रहा है, ये बच्चे परिवार ही नहीं समाज और देश के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। एलन ऐसे बच्चों की हर मदद करने के लिए तत्पर रहता है।
प्रभात अपने गांव में रहकर पढ़ाई करता था। डॉक्टर बनने के लक्ष्य को लेकर उसने करीब दो वर्षों तक कोटा कोचिंग में नीट की तैयारी की। बेहतर तैयारी के लिए वह कोटा आया जहां उसने एलन में एडमिशन लिया। उसे 50 प्रतिशत की फीस में रियायत मिली। शेष फीस भी प्रतिमाह किस्त के रूप में पिता द्वारा दी गई। कुछ मदद करते हुए प्रभात के मामा दयाराम यादव ने रहने-खाने की व्यवस्था की। प्रभात ने मेहनत और लगन से नीट की तैयारी की। प्रभात ने अपने पहले प्रयास में 504 अंक हासिल किए थे। इसके बाद उसने अपनी तैयारी को और मजबूत किया और नीट यूजी 2026 में 627 अंक हासिल करते हुए ऑल इंडिया रैंक 3864 प्राप्त की।
प्रभात की उपलब्धि से देवकीपुर गांव ही नहीं, बल्कि आसपास के करीब चार गांवों में भी उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद प्रभात ने जिस तरह नीट में सफलता हासिल की है, वह क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक है। प्रभात की इस उपलब्धि पर ग्रामीण, रिश्तेदार और क्षेत्रवासी परिवार को लगातार बधाइयां दे रहे हैं। अब गांवों के अन्य बच्चे भी प्रभात के पास आकर पूछ रहे हैं कि उन्हें कॅरियर बनाने के लिए क्या करना चाहिए।
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