अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने अब सभी आठ आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद उनकी आर्थिक रीढ़ तोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस प्रशासन इन आरोपितों की उन संपत्तियों को अटैच यानी कुर्क करने जा रहा है, जो उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक पाई गई हैं। इसके साथ ही, विभिन्न बैंकों में जमा इनके खातों का विवरण जुटाकर उन्हें फ्रीज कराने की कानूनी प्रक्रिया भी तेजी से शुरू कर दी गई है।इसी सिलसिले में विवेचक क्षेत्राधिकारी आशुतोष त्रिपाठी के निर्देशन में पुलिस टीम ने मंगलवार को मंडल कारागार पहुंचकर मुख्य आरोपित अविनाश शुक्ल से करीब चार घंटे तक बंद कमरे में गहन पूछताछ की। गौरतलब है कि अदालत ने सभी आरोपितों को 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर 13 जुलाई तक के लिए जेल भेज दिया है।इस बड़े घोटाले की जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस ने कई कड़े कदम उठाए हैं। पुलिस की एक विशेष टीम ने कारसेवकपुरम पहुंचकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से मुलाकात की और इस पूरे प्रकरण पर अहम जानकारी जुटाई। उनसे आरोपित कर्मियों की नियुक्ति, उनके सत्यापन और संस्तुति के बारे में पूछताछ की गई, जिस पर उन्होंने रमाशंकर यादव जैसे पुराने कर्मी की संलिप्तता पर गहरी हैरानी जताई।इसके अलावा, पुलिस ने पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, एक्सिस बैंक और केनरा बैंक की स्थानीय शाखाओं से आरोपितों के खातों का पूरा स्टेटमेंट और वित्तीय लेन-देन का ब्योरा निकाला है। इस मामले में आगे की पूछताछ के लिए राम मंदिर के व्यवस्थापक गोपाल राव और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र सहित 60 से अधिक लोगों को चिन्हित कर तलब किया गया है।पुलिस की अब तक की जांच और छापेमारी में टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, रमाशंकर मिश्र, मनीष यादव, करुणेश पांडेय और सुभाष श्रीवास्तव के घरों से हैरान करने वाले दस्तावेज और निवेश के प्रपत्र मिले हैं। ये सभी आरोपित बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं और इनके पैतृक मकान आज भी गांव में बदहाल स्थिति में हैं, लेकिन मंदिर के चढ़ावे के पैसे से इन्होंने दूसरी कीमती जगहों पर महंगी जमीनें खरीदकर आलीशान मकान खड़े कर लिए हैं।इन्होंने स्थानीय होटलों और रेस्टोरेंट में मोटी रकम लगाकर साझेदारी की है और महंगी गाड़ियां, मोबाइल व भारी मात्रा में आभूषण खरीदे हैं। पुलिस को इनके पास से जमीनों की रजिस्ट्री, फिक्स डिपॉजिट के कागजात और कई क्रेडिट व डेबिट कार्ड मिले हैं, जिनकी प्रामाणिकता जांचने के लिए रुदौली पुलिस ने स्थानीय निबंधन कार्यालय पहुंचकर घंटों पड़ताल भी की है।पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल सभी आरोपितों की वैध आय और उनके पास से मिली संपत्तियों का मिलान किया जा रहा है। यदि कानूनी प्रक्रिया के तहत यह साबित होता है कि ये संपत्तियां अवैध कमाई से खड़ी की गई हैं, तो इन्हें तुरंत कुर्क कर लिया जाएगा। जेल में हुई पूछताछ से मिले नए सुरागों के आधार पर पुलिस आने वाले दिनों में इन आरोपितों की दोबारा पुलिस रिमांड भी मांग सकती है ताकि इस रैकेट में शामिल कुछ और चेहरों को बेनकाब किया जा सके।
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