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हैदराबाद राउंडटेबल में इन्वेस्ट यूपी ने रखी ग्लोबल निवेश की मजबूत आधारशिला

हैदराबाद (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। उत्तर प्रदेश में ‘ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर’ (जीसीसी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और वैश्विक निवेश को आकर्षित करने की संभावनाओं पर हैदराबाद में एक विशेष राउंडटेबल बैठक का आयोजन किया गया। ‘इन्वेस्ट यूपी’ की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) प्रेरणा शर्मा के नेतृत्व नेतृत्व में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में उद्योग जगत के दिग्गजों, नीति निर्माताओं और विभिन्न हितधारकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए उत्तर प्रदेश को देश के सबसे पसंदीदा और भरोसेमंद जीसीसी हब के रूप में स्थापित करने तथा राज्य के अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ उठाने पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।

चर्चा के दौरान नीतिगत समर्थन, तेजी से विकसित हो रहा बुनियादी ढांचा तथा कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता को वैश्विक कंपनियों के लिए उत्तर प्रदेश की प्रमुख ताकत बताया गया। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बीएचयू) वाराणसी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की नवाचार और भविष्य के लिए तैयार प्रतिभा विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका को भी सराहा गया। साथ ही, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और ड्रोन प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश की बढ़ती सक्रियता को भी प्रमुखता से रेखांकित किया गया।

अपने संबोधन में प्रेरणा शर्मा ने प्रदेश की प्रगतिशील नीतियों और दिए जा रहे प्रोत्साहनों का जिक्र करते हुए, राज्य को एक मजबूत जीसीसी हब बनाने की सरकार की कार्ययोजना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा, सिंगापुर एवं जापान सिटी, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) में विकसित हो रहा फिनटेक पार्क तथा विस्तारित एक्सप्रेसवे नेटवर्क जैसी महत्वाकांक्षी अवस्थापना परियोजनाओं और उद्योग अनुकूल सुधारों ने उत्तर प्रदेश को रणनीतिक निवेशों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित किया है।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण उत्तर प्रदेश जीसीसी नीति 2024 रही, जिसे जीसीसी इकाइयों की स्थापना और विस्तार को सरल एवं प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इस नीति के तहत 30 से 50 प्रतिशत भूमि सब्सिडी, 100 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क छूट, 25 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी, प्रतिवर्ष 80 करोड़ रुपये तक परिचालन व्यय सहायता, वेतन आधारित प्रोत्साहन, कर्मचारी भविष्य निधि प्रतिपूर्ति, कौशल विकास सहायता तथा अनुसंधान एवं विकास सहयोग जैसी आकर्षक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) दीक्षा जैन भी मौजूद रही।