Tuesday , March 31 2026

हस्तशिल्प एवं हथकरघा मेले में बुनकरों ने साझा किया हुनर और अनुभव

लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। सरस्वती विद्या मंदिर, निरालानगर स्थित माधव सभागार में आयोजित मध्य प्रदेश की ‘मृगनयनी प्रदर्शनी’ हस्तशिल्प एवं हथकरघा मेले में इन दिनों चंदेरी और महेश्वरी साड़ियां खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इसके साथ ही पंचधातु की मूर्तियां, आकर्षक ज्वेलरी, जूट के थैले, जरी के बटुए और लकड़ी के खिलौनों के स्टॉल भी आगंतुकों को लुभा रहे हैं।

मध्यप्रदेश हस्तशिल्प हथकरघा विकास निगम एवं आयुक्त हथकरघा एवं हस्तशिल्प, मध्यप्रदेश शासन के तत्वावधान में आयोजित इस मेले में सोमवार को बुनकर शिल्पियों की कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बाघ प्रिंट, चंदेरी और महेश्वरी साड़ियों से जुड़े अनुभवी कलाकारों ने अपने हुनर, स्टार्टअप, मार्केटिंग और व्यवसाय के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण अनुभव साझा किए।

कार्यशाला में चंदेरी के पुरस्कृत बुनकर आशाराम अहिरवार, अनीस मोहम्मद, अफरोज जहां, तेग बहादुर सिंह तथा जरी बटुआ कारीगरों ने अपने-अपने उत्पादों की विशेषताओं और निर्माण प्रक्रिया की बारीकियों पर विस्तार से जानकारी दी।

इस अवसर पर मेला प्रभारी अरविंद शर्मा वर्चुअल माध्यम से कार्यशाला में जुड़े और बुनकरों का उत्साहवर्धन किया। प्रदर्शनी में ‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय शिल्प और उत्पादों को नई पहचान मिल रही है।