लखनऊ (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। आरबीआई मौद्रिक नीति पर विचार व्यक्त करते हुए उमेश उत्तमचंदानी (प्रबंध निदेशक, डेव्हएक्स) ने कहा कि भारतीय रिज़र्व बैंक की ओर से, रेपो रेट को 5.25% पर बनाए रखने का फैसला वृद्धि आधारित ढांचे के अनुरूप है और यह निर्णय केंद्रीय बजट 2026 का पूरक है। केंद्रीय बैंक वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित कर, दीर्घकालिक निवेश के लिए उपयुक्त माहौल बना रहा है। यह स्थिरता प्रबंधित कार्यालय (मैनेज्ड ऑफिस) खंड के लिए बहुत बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे ऐसी किसी परिसंपत्ति का कब्ज़ा हासिल करने वालों (ऑक्यूपायर) को उतार-चढ़ाव के डर के बगैर योजना बनाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि नीतिगत निरंतरता से वैश्विक क्षमता केंद्रों के टियर-2 और टियर-3 शहरों में प्रसार की गति में और तेज़ी आएगी। इसके अलावा, हाल ही में हुए भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और शुल्क (टैरिफ) में कमी के कारण अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की ओर से नई मांग पैदा हो रही है, जिससे हमें दोहरा फायदा नज़र रहा है। ये उभरते बाज़ार, अब अप्रयुक्त प्रतिभा और बेहतर संपर्क साधनों (कनेक्टिविटी) की मौजूदगी के साथ वृद्धि को आगे बढ़ा रहे हैं। हमें उम्मीद है कि इस स्थिर दर नीति से स्थापित केंद्रों (हब) के साथ-साथ इन नए क्षेत्रीय इलाकों में तेज़ विस्तार और लचीले कार्यस्थल वर्कस्पेस की मांग को बढ़ावा मिलेगा।
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