नई दिल्ली : कर्नाटक में शराब घोटाले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि पार्टी ने जनता के साथ धोखा किया है।भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित किया। डॉ. त्रिवेदी ने कांग्रेस के शासन मॉडल की आलोचना करते हुए कहा कि जहां भाजपा सरकारें विकास, पारदर्शिता और समाज कल्याण पर केंद्रित रही हैं, वहीं कांग्रेस जहां भी सत्ता में आई, वहां भ्रष्टाचार, शराब और जुआ जैसे घोटालों और सत्ता संघर्षों का माहौल देखने को मिलता है। कर्नाटक में 6000 करोड़ के शराब घोटाले, ऑनलाइन सट्टेबाजी और दलित कल्याण योजनाओं में घोटाले इसका उदाहरण है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने तृणमूल कांग्रेस पर भी आरोप लगाया कि बंगाल में राजनीतिक स्वार्थ के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता किया गया। भाजपा सांसद ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता आगामी चुनावों में भाजपा को निर्णायक जनादेश देगी।उन्होंने कहा कि हाल ही में यह समाचार सामने आया है कि कर्नाटक की वाइन मर्चेंट एसोसिएशन, अर्थात शराब के व्यापारियों की संस्था ने कांग्रेस सरकार पर 6000 करोड़ रुपये के शराब घोटाले का आरोप लगाया है। यह आरोप भारतीय जनता पार्टी या किसी विपक्षी दल द्वारा नहीं, बल्कि स्वयं उस भ्रष्टाचार के भुक्तभोगियों द्वारा लगाया गया है। कर्नाटक वाइन मर्चेंट एसोसिएशन ने विस्तार से बताया है कि किस प्रकार रेस्टोरेंट से लेकर होटलों तक के अलॉटमेंट में, सरकार के विभिन्न स्तरों पर बैठे मंत्रियों और अन्य लोगों तक व्यवस्थित रूप से भ्रष्टाचार का पैसा पहुंचता था। शराब की लत अत्यंत घातक होती है और यदि शराब के बाद किसी दूसरी लत को सबसे अधिक नुकसानदेह माना जाता है, तो वह जुए की लत है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में चित्रदुर्ग से कांग्रेस के विधायक के. सी. वीरेंद्र पप्पी पर ऑनलाइन सट्टेबाजी के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे हैं और वे पहले भी इस प्रकरण में गिरफ्तार हो चुके हैं। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पहले भी दलित समाज के लिए स्थापित वाल्मिकी योजना की राशि में भ्रष्टाचार के मामलों में सामने आ चुकी है, मूडा स्कैम में जमीन से जुड़े घोटालों में भी उसकी भूमिका उजागर हो चुकी है। अब शराब और जुए से जुड़े इन मामलों में कांग्रेस सरकार के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आना, कर्नाटक में उसके शासन पर गहरे और चिंताजनक सवाल खड़े करता है।डॉ त्रिवेदी ने कहा कि शराब और जुए के बाद तीसरी लत है लड़ाई। कांग्रेस के मॉडल का तीसरा हिस्सा यह है कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री आपस में लगातार और खुले तौर पर लड़ते रहते हैं। यह कांग्रेस का एक स्थायी मॉडल है। जैसे भारतीय जनता पार्टी की सरकारों का एक स्पष्ट विकास मॉडल रहा है, वैसे ही कांग्रेस का स्थायी मॉडल यह रहा है कि जहां भी उसकी सरकार बनती है, वहां वह दो गुटों में बंटी हुई दिखाई देती है। कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का ऑन रिकॉर्ड बयान है कि वह कोई आरोप नहीं लगा रहे हैं, लेकिन राहुल गांधी अनुमति नहीं दे रहे हैं, इसलिए वह कैबिनेट को एक्सपेंड नहीं कर पा रहे हैं। वहीं उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार जी का भी ऑन रिकॉर्ड बयान है कि न्याय होना चाहिए, अर्थात यह एक कमिटमेंट था कि सीट परिवर्तन होना चाहिए। यही स्थिति छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल जी बनाम टीएस सिंहदेव के रूप में दिखी, राजस्थान में अशोक गहलोत बनाम सचिन पायलट के रूप में सामने आई और हिमाचल प्रदेश में सुखविंदर सिंह सुख्खू बनाम विक्रमादित्य सिंह के रूप में दिखाई दी। यह कांग्रेस का स्थायी मॉडल बन चुका है।भाजपा सांसद ने कहा कि कर्नाटक की जनता ने कांग्रेस को जो बड़ा जनादेश दिया था, उसके साथ कांग्रेस ने बहुत बड़ा धोखा और छल किया है। आज कर्नाटक में शराब, जुआ और लड़ाई, ये तीनों चीजें साफ तौर पर देखने को मिल रही हैं और इसमें कांग्रेस इस कदर मदहोश है कि उसे न विकास का होश है और न ही कर्नाटक की जनता के हितों का होश नहीं रहा है। मोदी विरोध के नशे में कांग्रेस इस कदर धुत्त है कि कांग्रेस जहां-जहां सत्ता में है, वहां समाज कल्याण और जन विकास का कोई कार्य न करते हुए केवल भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हुई है, अपनी स्वार्थ सिद्धि में लगी है और समाज को तोड़ने व बांटने का काम कर रही है।—————
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