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कोरिया गणराज्य के संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश से की मुलाकात

नई दिल्ली : कोरिया गणराज्य के संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को संसद भवन में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश से भेंट की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कोरिया गणराज्य की नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष ली हैक-यंग ने किया। इस अवसर पर हरिवंश ने कहा कि भारत और कोरिया गणराज्य मजबूत और प्रगतिशील लोकतंत्र हैं तथा दोनों देशों के बीच संसदीय आदान-प्रदान की सुदृढ़ परंपरा रही है।बैठक के दौरान हरिवंश ने द्विपक्षीय सहयोग के बहुआयामी स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत और कोरिया गणराज्य के बीच व्यापार एवं निवेश, रक्षा, संस्कृति तथा जन-जन के संपर्क जैसे क्षेत्रों में घनिष्ठ साझेदारी है। यह सहयोग लोकतंत्र, कानून के शासन, वैश्विक शांति और समृद्धि के साझा मूल्यों पर आधारित है।दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए हरिवंश ने कहा कि अयोध्या की राजकुमारी सुरिरत्ना और गिम्हे के राजा किम सुरो के बीच वैवाहिक संबंध भारत और कोरिया के बीच गहरे सभ्यतागत रिश्तों को दर्शाता है। उन्होंने इसे दोनों देशों की ऐतिहासिक निकटता का प्रतीक बताया।हरिवंश ने यह भी कहा कि वर्ष 2011 में कोरिया गणराज्य सरकार द्वारा सियोल में नोबेल पुरस्कार विजेता गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की 150वीं जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा स्थापित की गई थी। गुरुदेव टैगोर द्वारा 1929 में लिखी गई कविता ‘लैम्प ऑफ द ईस्ट’ कोरिया के गौरवशाली अतीत और उज्ज्वल भविष्य के प्रति सम्मान का प्रतीक है, जिसे आज भी कोरियाई जनता स्नेहपूर्वक स्मरण करती है।द्विपक्षीय व्यापार और निवेश पर संतोष व्यक्त करते हुए हरिवंश ने कहा कि भारत और कोरिया के बीच व्यापार लगभग 27 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है। उन्होंने उल्लेख किया कि हुंडई, सैमसंग और एलजी जैसी कोरियाई कंपनियां भारत में घर-घर में पहचानी जाती हैं।संसद सदस्यों की भूमिका को रेखांकित करते हुए हरिवंश ने संसदीय सहयोग को और मजबूत करने के लिए पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया और प्रतिनिधिमंडल के भारत प्रवास के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर राज्यसभा के कई सदस्य, सचिव-जनरल, वरिष्ठ अधिकारी तथा विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।—————