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HDFC : तीसरी तिमाही में 11.5% बढ़ा मुनाफा

मुंबई (टेलीस्कोप टुडे संवाददाता)। एचडीएफसी बैंक लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शनिवार को मुंबई में हुई अपनी मीटिंग में 31 दिसंबर, 2025 को खत्म हुई तिमाही और नौ महीनों के लिए बैंक के (इंडियन GAAP) नतीजों को मंज़ूरी दी। बैंक के स्टैच्यूटरी ऑडिटर्स ने इन अकाउंट्स का ‘लिमिटेड रिव्यू’ किया है।

एचडीएफसी बैंक ने दिसंबर तिमाही में मुनाफे और आय में सालाना आधार पर अच्छी बढ़त दर्ज की है। बैलेंस शीट मजबूत हुई है और एसेट क्वालिटी में भी सुधार दिखा है।  

 देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों में शुमार एचडीएफसी  बैंक ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के नतीजे पेश कर दिए हैं। दिसंबर तिमाही के आंकड़े बताते हैं कि बैंक ने मुनाफे, आय और बैलेंस शीट- तीनों मोर्चों पर स्थिर प्रदर्शन बनाए रखा है।

Q3FY26 में एचडीएफसी बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 11.5 प्रतिशत बढ़कर ₹18,653.75 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह मुनाफा ₹16,735.50 करोड़ था। यह बढ़त दिखाती है कि चुनौतीपूर्ण हालात के बावजूद बैंक की कोर कमाई मजबूत बनी हुई है।

ब्याज से कमाई का सहारा

बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम यानी NII में भी सालाना आधार पर 6.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह बढ़कर ₹32,615 करोड़ हो गई, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹30,653 करोड़ थी। इससे साफ है कि लोन और डिपॉजिट के बीच संतुलन बैंक के पक्ष में रहा।

मार्जिन में स्थिरता

एचडीएफसी बैंक ने बताया कि उसका कोर नेट इंटरेस्ट मार्जिन कुल एसेट्स के आधार पर 3.35 प्रतिशत रहा, जबकि इंटरेस्ट कमाने वाले एसेट्स पर यह 3.51 प्रतिशत पर बना रहा। मौजूदा प्रतिस्पर्धा और फंडिंग कॉस्ट के माहौल में यह स्तर बैंक के लिए संतोषजनक माना जा रहा है।

प्रोविजन और कंटिन्जेंसी से पहले बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 8.4 प्रतिशत बढ़कर ₹27,097.80 करोड़ हो गया। वहीं, इस तिमाही में प्रोविजंस घटकर ₹2,837.9 करोड़ रह गए, जो पिछले साल की तुलना में करीब 10 प्रतिशत कम हैं।

NPA फ्रंट पर मिली-जुली तस्वीर

ग्रॉस एनपीए सालाना आधार पर 2.3 प्रतिशत घटकर ₹35,178.98 करोड़ रह गए, जो पिछले साल ₹36,018.58 करोड़ थे। हालांकि, नेट एनपीए में हल्की बढ़ोतरी देखी गई। इसके बावजूद, ग्रॉस एनपीए रेश्यो 1.24 प्रतिशत और नेट एनपीए रेश्यो 0.42 प्रतिशत पर आ गया, जो पहले के मुकाबले बेहतर स्थिति दिखाता है।

31 दिसंबर 2025 तक बैंक का कुल बैलेंस शीट साइज बढ़कर ₹40,890 बिलियन हो गया, जो एक साल पहले ₹37,590 बिलियन था। औसत डिपॉजिट में 12.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि CASA डिपॉजिट भी करीब 10 प्रतिशत बढ़े।

बैंक की ग्रॉस एडवांस दिसंबर 2025 के अंत तक ₹28,446 बिलियन पर पहुंच गईं। रिटेल लोन में 6.9 प्रतिशत, छोटे और मिड-मार्केट एंटरप्राइज लोन में 17.2 प्रतिशत और कॉरपोरेट व अन्य होलसेल लोन में 10.3 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई। ओवरसीज एडवांस कुल लोन बुक का छोटा हिस्सा बने रहे।

कंसॉलिडेटेड आधार पर बैंक का मुनाफा सालाना आधार पर 12.2 प्रतिशत बढ़कर ₹19,806.63 करोड़ हो गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹17,656.61 करोड़ था।